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जहां सांस लेना मुश्किल, दुनिया की उस सबसे ऊंची चोटी पर तीसरी बार पहुंची बहादुर बेटी, जानिए कौन

Wed, 22 May 2019 12:55 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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अनीता कुंडू - फोटो : अमर उजाला
जहां सांस लेना भी मुश्किल होता है, दुनिया की उस सबसे ऊंची चोटी को देश की बहादुर बेटी ने तीसरी बार फतेह किया। इनके जज्बे को सलाम कीजिए और जानिए उनके बारे में सब कुछ।
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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
हम बात कर रहे हैं भारतीय पर्वतारोह अनीता कुंडू की, जिन्होंने तीसरी बार माउंट एवरेस्ट को फतेह कर लिया है। चार प्रयासों में वह तीसरी बार सफल हुई। अनीता कुंडू माउंट एवरेस्ट को फतेह करने वाली हरियाणा की पहली बेटी है। वहीं नेपाल और चीन के रास्ते से माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली पहली हिन्दुस्तानी भी हैं। 36 दिन के लंबे संघर्ष के बाद अनीता ने 21 मई को सुबह 7 बजे चोटी के शिखर पर तिरंगा फहराया।

 
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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
दो बार नीचे वापस आना पड़ा अनीता कुंडू को
अनीता ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई नेपाल में लुकला एयरपोर्ट से शुरू की थी। लुकला से बेस कैंप तक की चढ़ाई अनिता ने 12 दिन में पूरी की। इसके बाद बेस कैंप पर कई दिन तक प्रैक्टिस जारी रखी। बेस कैंप से अनीता ने 5 मई को ऊपर चढ़ना शुरू किया, लेकिन 7 मई को बर्फीले तूफान ने उनका रास्ता रोक लिया। उनको बेस कैंप वापस लौटना पड़ा। अनीता ने एक बार फिर 10 मई को चढ़ाई शुरू की, लेकिन 12 को फिर मौसम खराब हो गया। अनीता को फिर नीचे आना पड़ा। 16 मई को फिर उन्होंने अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए बेस कैंप से चढ़ाई शुरू की।

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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
बिना ऑक्सीजन के माउंट एवरेस्ट पर पहुंची
36 दिन कठिन संघर्ष करके और दुर्गम बर्फीले रास्तों को पार करते हुए बिना ऑक्सीजन के 21 मई को सुबह 7 बजे अनीता ने एवरेस्ट की चोटी पर झंडा फहराया। अनीता कुंडू ने इस बार अपनी चढ़ाई एक टीम लीडर के तौर पर की। अनीता की इस टीम में विभिन्न देशों के कुल 14 सदस्य शामिल थे। अनीता के साथ कुल चार सदस्यों के एवरेस्ट फतेह करने की सूचना है। पांच सदस्य रास्ते से वापस आ चुके हैं, जबकि अन्य सदस्य अभी रास्ते में हैं। अनीता हरियाणा के हिसार जिले के गांव फरीदपुर की रहने वाली हैं। अनीता हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं।
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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
चार बार की चढ़ाई, तीन में मिली सफलता
अनीता ने अब तक कुल चार बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की, जिसमें से उन्होंने तीन बार सफलता हासिल की है। अनीता ने वर्ष 2013 में नेपाल के रास्ते, वर्ष 2017 में चीन के रास्ते और वर्ष 2019 में माउंट एवरेस्ट फतेह करने में सफलता हासिल की है। वर्ष 2015 में 22 हजार फुट की चढ़ाई के बाद तूफान के कारण इन्हें रास्ते से लौटना पड़ गया था। अनीता का एक ही लक्ष्य है कि मेरे देश का हर युवा अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों से लड़ें। अपने जीवन में संघर्ष को अपना साथी बना लें। अपना लक्ष्य बनाएं और उनको पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करें। अनीता अपने संघर्ष की मिसाल से हर युवा के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है।

 
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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
आरके सिन्हा उठाते हैं हर अभियान का खर्च
पर्वतारोहण की चढ़ाई एक पर्वतारोही के लिए बहुत महंगी होती है। उनके सभी अभियानों के खर्च एसआईएस के मालिक राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा उठाते हैं, जिन्होंने अनीता को अपनी बेटी के रूप में अडॉप्ट किया हुआ है। इसके अलावा अनीता कुंडू विश्व की सबसे बड़ी सिक्योरिटी कंपनी एसआईएस की ब्रांड एंबेसडर हैं। वे हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी, द आईपीएस देहरादून, हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी महेंद्रगढ़, निफा आदि की भी ब्रांड एंबेसडर हैं।
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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
सेवन समिट अभियान जारी
अनीता ने वर्ष 2018 में विश्व की सात ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने के लिए अभियान शुरू किया। मार्च 2018 में इंडोनेशिया की कारस्टेन्स पिरामिड शिखर, अगस्त 2018 में यूरोप की एल्ब्रुस, अक्टूबर 2018 में अफ्रीका की किलिमंजारो को वह फतह कर चुकी हैं। जून 2018 में अमेरिका की देनाली पर भी उन्होंने चढ़ाई की थी, लेकिन बर्फीले तूफान की वजह से वापस आई थी। 2019 में अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची छोटी को फतेह किया था। अब माउंट एवरेस्ट को फतेह करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
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अनीता कुंडू - फोटो : फेसबुक
अनीता को कबड्डी का शौक था, जिसके चलते उसने 5वीं कक्षा से ही कबड्डी खेलना शुरू कर दिया था। लेकिन अपने इस शौक को अधिक दिन जिंदा नहीं रख पाई। 2001 में पिता की मौत के बाद अनीता ने कबड्डी खेलना छोड़ दिया। ऐसे में अनीता ने परिवार की आर्थिक दशा को सुधारने के लिए नौकरी की तलाश की। 2008 में हरियाणा पुलिस में नौकरी भी मिल गई। अनीता कुंडू अपने चार बहन-भाइयों में सबसे बड़ी हैं। अनीता की छोटी दोनों बहनें शादीशुदा हैं, उन्होंने शादी नहीं की है। अनीता की तालीम हिसार में हुई और उन्होंने बीए की पढ़ाई जाट कॉलेज से की। इसके बाद प्राइवेट इंस्टीट्यूट से उन्होंने एमए हिस्ट्री किया।
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