नोटों और सिक्कों को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसे पढ़कर आपकी टेंशन बढ़ जाएगी। क्लिक करके पढ़ें और संभल जाएं।
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पैसा
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल, देश में जो पुराने नोट व सिक्के अभी भी चलन में हैं और बहुतों बार लेनदेन की वजह से काफी मैले हो चुके हैं, उन नोटों की गंदगी से अब लोगों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ने लगा है। इसे लेकर केंद्र सरकार गंभीर हो गई है। सरकार के अधीनस्थ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी ऑफ इंडिया ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ समेत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस बाबत जरूरी दिशा-निर्देश भेजे हैं।
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बैंक में पैसा जमा कराने के लिए लाइन में लगे लोग
अथॉरिटी ने इन सभी राज्यों को जल्द से जल्द व्यापक स्तर पर एक जागरूकता अभियान भी चलाने के निर्देश दिए हैं। इस जागरूकता अभियान को कैसे फोकस करते हुए बढ़ाना है, इस बारे में निर्देशों में बताया गया है। इस वक्त 5, 10, 20, 50 व 100 रुपये के पुराने नोट और 1, 5, 2 व 10 के सिक्के चलन में हैं। अधिकतर नोट व सिक्के अनगिनत बार लेनदेन की वजह से बहुत ज्यादा गंदे हो चुके हैं।
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money shimla
अथॉरिटी का मानना है कि नोटों व सिक्कों की अब यही गंदगी सेहत के लिए खतरा बढ़ रही है। जिस वजह से इंफेक्शन की शिकायतें रहने लगी है। निर्देशों में बताया गया है कि नोटों व सिक्कों की गंदगी से लोगों में स्किन, चमड़ी और सांस (जठरांत्र) संबंधी इंफेक्शन का खतरा बढ़ रहा है। इतना ही नहीं फूड प्वाइजनिंग के अधिकतर मामलों में एक बड़ा कारण यह भी है।
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डेमो पिक
- फोटो : amar ujala
इस संबंध में जारी सर्कुलर में जिक्र करते हुए कहा गया है कि आज लोग चाइनिज, जंक व अन्य स्नैक्स फूड का अत्यधिक सेवन कर रहे हैं। लेकिन ये देखा गया है कि इन दुकानों व ठेलों पर एक ही व्यक्ति नोटों व सिक्कों का लेनदेन भी करता है और फिर उन्ही हाथों से लोगों को खाद्य पदार्थ भी परोसता है। जबकि देश में अधिकतर लोग आज भी नोट गिनने के लिए थूक का इस्तेमाल करते हैं।
इन सभी वजहों से नोटों की गंदगी शरीर में जाती है और लोग इंफेक्शनग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे इंफेक्शन से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा रहता है, क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम रहती हैं। इस संबंध में जल्द से जल्द सोशल मीडिया आधारित जागरूकता अभियान भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है।