डेबिट कार्ड यूज करते हैं, तो ये जानकारी आपके बड़े काम आएगी। ध्यान दें कि एक गलती आपका खाता खाली करा सकती है। पैसे कटते चले जाएंगे और आप बड़ा आर्थिक नुकसान झेलेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
अगर आपके पास कांटेक्ट लैस डेबिट कार्ड है तो सावधान हो जाएं। जरा सी चूक आपको परेशानी में डाल सकती है। क्योंकि कुछ चौंकाने वाले केस इन दिनों सामने आ रहे हैं। जिसमें सिक्योरिटी पिन डाले बिना ही उपभोक्ताओं के खाते से पैसे डेबिट हो रहे हैं। अकाउंट से पैसे निकलने की जानकारी उन्हें तब लग रही है, जब मोबाइल पर मैसेज आता है। हैरानी की बात यह है कि बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को नई टेक्नोलॉजी से युक्त कांटेक्ट लैस डेबिट कार्ड और उनके सिक्योरिटी पिन दिए गए, लेकिन मोबाइल में ओटीपी भेजने की सुविधा नहीं दी।
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यह कांटेक्ट लैस डेबिट कार्ड मात्र चार सेंटीमीटर की दूरी से ही पेमेंट मशीन को स्कैन कर लेता है और फिर सिस्टम से कनेक्ट हो जाता है। उसके बाद मशीन में भरी गई राशि के मुताबिक खाते से पैसे कट जाते हैं। वर्तमान में बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाए जा रहे कांटेक्ट लैस डेबिट कार्ड पर वाईफाई जैसा एक खास निशान बना होता है। जिन पेमेंट मशीनों पर इनका इस्तेमाल होता है, वहां भी एक खास चिन्ह बना होता है। इस मशीन पर करीब 4 सेंटीमीटर की दूरी पर कार्ड रखना या दिखाना होगा और बैंक अकाउंट से पैसे कट जाएंगे।
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इसके लिए कार्ड को स्वाइप या डिप करने की जरूरत नहीं होगी और न ही पिन एंटर करना होगा। ऐसे कार्ड उपलब्ध करवाने वाले बैंकों में एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, एक्सिस, यस बैंक और आईडीबीआई शामिल हैं। बैंक अपनी वेबसाइट और विज्ञापन में इस कार्ड को जितना सुविधाजनक दिखाते हैं, असल में यह उतना है नहीं। भले ही ऐसे कार्ड से पेमेंट जल्दी हो जाएगी, लेकिन ऐसे कार्ड उतनी जल्दी ही हजारों का नुकसान भी करा सकते हैं। किसी भी बैंक की वेबसाइट पर और विज्ञापन में इसके बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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विशेष उल्लेखनीय बात ये है कि इस कांटेक्ट लैस कार्ड से एक बार में दो हजार रुपये निकाले जा सकते हैं। ऐसे में अगर यह चोरी हो जाए तो कोई भी व्यक्ति एक बार में 2 हजार तक रुपये तक निकाल सकता है। यदि कार्ड को दिन में 10 बार इस्तेमाल किया जाए तो 20 हजार रुपये तक का नुकसान हो सकता है। ऐसे में जब तक कार्ड का मालिक बैंक में शिकायत दर्ज करवाएगा, उसका अकाउंट खाली हो जाएगा। बैंक अधिकारियों की मानें तो बैंक की एप के जरिए लिमिट तय की जा सकती है, लेकिन इसके बारे में लोगों को जागरूक नहीं किया गया है।
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जब इस कार्ड को लेकर कुछ लोगों से बात की गई तो उन्होंने इससे संबंधित जानकारी से अनभिज्ञता जताई। सेक्टर-12 निवासी नेहा ने कहा कि उन्हें मालूम ही नहीं कि उनके कार्ड से ऐसे भी पेमेंट हो सकती है। बैंक ऐसे विज्ञापन बनाते हैं, जिसमें फीचर्स की अच्छाई ही नजर आती है, लेकिन उन फीचर्स के नुकसान क्या हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है, इसकी जानकारी नहीं देते। बैंक के मार्केटिंग एक्सपर्ट केवल डेबिड या क्रेडिट कार्ड बेचने के लिए संपर्क करते हैं और लोन के लिए फोन करते हैं। उन्हें ऐसे फीचर्स बताने के लिए भी संपर्क करना चाहिए।
बैंक कर्मियों ने ये दिया जवाब
इस कार्ड को लेकर जब बैंक के मार्केटिंग एक्सपर्ट से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि इसका फायदा होने के साथ-साथ नुकसान भी है। क्योंकि कांटेक्ट लैस कार्ड के जरिए किसी को भी अधिक धनराशि खोने का नुकसान झेलना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए फिलहाल बैंक से संपर्क करके कार्ड ब्लॉक करवाने के अलावा कोई रास्ता नहीं। पंचकूला के साइबर सेल एक्सपर्ट सिद्धार्थ ने बताया कि उनके पास फिलहाल ओटीपी नंबर को लेकर शिकायतें आई हैं। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जो बैंक ऐसे कार्ड जारी कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही पत्र जारी किए जाएंगे।