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शहादत के बाद सेना ने बताया राय सिंह का ऐसा सच, रो पड़े परिजन

Thu, 24 Nov 2016 09:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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राजौरी में हरियाणा का हेड कांस्टेबल राय सिंह शहीद
राय सिंह देश पर शहीद हो गए। उनका जीवन देश के नाम ही लिखा था। उनकी शहादत पर सेना ने राय सिंह के बारे में कुछ ऐसा कहा, परिजन भावुक हो उठे।
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रोहतक के सांपला में शहीद राय सिंह का संस्कार
शहीद राय सिंह की किस्मत में ही था कि वह देश की रक्षा करते हुए शहीद होंगे। कुछ समय पहले ही उन्होंने अपनी रिटायरमेंट की तैयारी कर ली थी। इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत भी करा दिया था, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लगातार हो रही सीमा पार की बमबारी के कारण वह एप्लीकेशन नहीं दे सके। आखिरकार देश के लिए शहीद हो गये।
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राजौरी में शहीद हुए हरियाणा के हेड कांस्टेबल राय सिंह
करीब दो महीने पहले राय सिंह ने रिटायरमेंट लेने की बात अपने उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई थी। एसआई गुरनाम सिंह ने बताया कि राय सिंह ने कहा था कि वह वीआरएस लेना चाहते हैं, ताकि बच्चों के साथ रह सकें। उनका कहना था कि रिटायरमेंट के बाद गांव जाकर खेती बाड़ी करेंगे। राय सिंह एप्लीकेशन देने वाले थे, लेकिन दुश्मनों ने सीमा पर गतिविधियां तेज कर दी। हालांकि, राय सिंह ने इसका जिक्र अभी तक परिवार में नहीं किया था।

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Fureral of Martyr Rai Singh - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के कारण भले ही आमजन को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन इससे आतंकवादियों की कमर टूट चुकी है। विशेष कर बीएसएफ और सेना को तो इसका फायदा मिल रहा है। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि 500 और 1000 के नोट बंद होने से अब उनकी गाड़ियों पर पथराव की घटना न के बराबर हो रही है।
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Fureral of Martyr Rai Singh - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि आतंकवादी राह भटके युवाओं को 500 और 1000 का नोट देकर जवानों की गाड़ियों पर पथराव करवाते थे। लेकिन नोटबंदी के बाद आतंकवादियों के पास मौजूद काला पैसा रद्दी हो गया है। इस कारण सेना को थोड़ी राहत मिली है। बीएसएफ अधिकारियों की मानें तो सीमा पर लगातार हो रही बमबारी में जितना हाथ पाकिस्तानी सेना का है, उतना ही रोल सीमा पार के आतंकवादी निभा रहे हैं।
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Fureral of Martyr Rai Singh
आतंकवादी चुपके से जवानों पर हमले करने की साजिश रचते हैं। इसमें कुछ स्थानीय लोग भी उनका साथ देते हैं। एसआई गुरनाम ने बताया कि जहां पर राय सिंह शहीद हुए ठीक इसी जगह पर कुछ दिन पहले बीएसएफ का एक और जवान शहीद हो गया था। मगर बीएसएफ बेहतर रणनीति के तहत काम कर रही है।
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Fureral of Martyr Rai Singh
बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि खुलकर सामने आना तो पाकिस्तान के जवानों के वश की बात नहीं है। लेकिन चुपके से घात करने में पीछे नहीं रहते हैं। इसके लिए वह तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कभी हमारे बंकरों के पास आईडी सेल लगा देते हैं तो कभी माइन टेप। कभी छोटा बम लगा देते हैं, ताकि जवान गश्त पर आएं तो निशाना बनाया जा सके। यही नहीं, सीमा से सटे पेड़ों पर बैठकर बंकरों में तैनात जवानों को निशाना बनाते हैं।
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राजौरी में शहीद हुए हरियाणा के हेड कांस्टेबल राय सिंह
बेटे की शहादत पर गर्व महसूस करने वाली राय सिंह की माता चंद्रो देवी को अब अपने तीनों पोतों के भविष्य की चिंता है। उनका कहना है कि राय सिंह की शहादत पर परिवार को गर्व है। राय सिंह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए देश के लिए शहीद हो गए। अब सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि राय सिंह के तीनों बेटों का भविष्य अच्छा हो सके। उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सके।
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