फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक जनवरी से महिलाओं का ‘बॉडीगार्ड’ बनेगा मोबाइल, देखिए कैसे?

Thu, 24 Nov 2016 09:30 AM IST
शिवानी अजय अरोड़ा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 8
मोबाइल यूजर्स
अब मोबाइल फोन लड़कियों और महिलाओं का 'रखवाला' बनेगा। इसके लिए एक बेहद खास योजना पर काम किया जा रहा है। देखिए क्या और कैसे?
विज्ञापन

2 of 8
मोबाइल यूजर्स
एक जनवरी 2017 से बनने वाले हर मोबाइल फोन में पैनिक बटन होगा जो संकट की घड़ी में महिलाओं का रखवाला बनकर काम करेगा। यही नहीं, वर्ष 2018 से देश भर में जीपीएस लोकेशन बताने वाले मोबाइल की ही बिक्री हो सकेगी यानी बिना पैनिक बटन वाले फोन नहीं बिकेंगे। महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र सरकार ने यह खास पहल की है।
विज्ञापन

3 of 8
मोबाइल यूजर्स
नई दिल्ली में आयोजित ऑल इंडिया वुमेन जर्नलिस्ट वर्कशॉप में महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा कि मोबाइल फोन अब हर हाथ में है। अब इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने संचार मंत्रालय के साथ मिलकर फोन में पैनिक बटन की पहल की है।

4 of 8
मोबाइल यूजर्स
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन ने ‘पैनिक बटन एंड ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम इन मोबाइल फोन हैंडसेट रूल्स 2016’ एक्ट अधिसूचित कर दिया है। जिसके तहत बहुत जल्द काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

5 of 8
मोबाइल यूजर्स
ऐसे काम करेगा बटनः मोबाइल फोन के 5 या 9 नंबर बटन पर यह सुविधा मिलेगी जबकि स्मार्ट फोन में ऑन/ऑफ की को तीन बार दबाने से पैनिक बटन सक्त्रिस्य हो जाएगा। इससे परिवार या पुलिस थाने के पास मुसीबत में फंसी महिला की लोकेशन संबंधी जानकारी पहुंच जाएगी और तत्काल उस तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन

6 of 8
मोबाइल यूजर्स
डेथ सर्टिफिकेट पर पत्नी का नाम अनिवार्यः केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भविष्य में मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) पर पत्नी का नाम लिखना अनिवार्य होगा। इससे संपत्ति और संबंधित कामों में होने वाली परेशानी कम होगी। महिला और बाल विकास मंत्रालय इसके लिए रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया और राज्य सरकारों से बात कर रहा है।
विज्ञापन

7 of 8
मोबाइल यूजर्स
‘हुनर है तो ई-हाट पर आइए’: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला ई-हाट का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि घर पर कोई महिला मेहंदी लगाना जानती हो या कढ़ाई आदि का हुनर हो तो वह ई-हाट वेबसाइट पर निशुल्क पंजीकरण करा सकती है। इस वेबसाइट के जरिए महिलाएं ग्राहक से सीधेु़  सकेंगी। जल्द ही इसे एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से भी जोड़ने की योजना है।
विज्ञापन

8 of 8
मोबाइल यूजर्स
महिलाओं की मदद के लिए देश भर में एक समान हेल्पलाइन नंबर शुरू किया गया है। हिंसा की शिकार महिलाएं 181 नंबर पर डायल कर सरकार को अपनी समस्या बता सकती हैं। यह हेल्पलाइन अब तक 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू की जा चुकी है।
- लीना नायर, सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें