छोटी उम्र में देश के लिए सीने पर गोली खाई और शहीद हो गया। कफन ओढ़कर लौटे बेटे का चेहरा देख मां ने ऐसी बात कही, सब भावुक हो गए।
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अरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार
मां बोली, महीने भर पहले छुट्टी काटकर लौटा था। मैंने कहा अगली बार आएगा तो सिर पर सेहरा बांध दूंगी, मुझे क्या पता था कि वो शहादात का सेहरा पहनकर आएग और लगन मंडप की अग्नि के फेरों की जगह उसकी चिता को मुखाग्नि देनी पड़ेगी। मां के मुंह से भाई के लिए यह बात सुनकर बहन का कलेजा फट गया और वो रोते-रोते बेसुध हो गई।
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अरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार
जम्मू-कश्मीर के जिला शोपियां में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से होशियारपुर निवासी अरविंदर कुमार शहीद हो गए। मंगलवार को पैतृक गांव सरियाना में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद का पार्थिव शव गांव में पहुंचने पर हाथों में तिरंगा थामे युवाओं ने मोटरसाइकिल रैली निकाली। उन्होंने आकाश भारत माता की जय और शहीद अरविंदर अमर रहे के नारों से गुंजायमान कर दिया।
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अरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार
छोटे भाई प्रेम सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। किसान पिता दर्शन सिंह ने नम आंखों से बताया कि अरविंदर 2 मार्च को ही अपनी छुट्टी काटकर वापस गया था। बेटे की शादी की बात चल रही थी और लड़की देखी जा रही थी, ताकि अबकी बार वह छुट्टी पर घर आए तो उसकी शादी करवा दी जाए, लेकिन किसे पता था कि शादी के जोड़े से पहले ही वह देश के लिए शहीद हो कर तिरंगा ओढ़ कर घर आएगा।
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अरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद अरविंदर अपने पीछे माता-पिता, चार बड़ी बहनें और एक भाई छोड़ गए हैं। वह 26 जून 2012 को फौज की 15 मीडियम रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। अब वह 34-आरआर (राष्ट्रीय राइफल) यूनिट में गनर के तौर पर ड्यूटी निभा रहे थे। उनके छोटे भाई प्रेम भी सेना में हैं। इस मौके पर विधायक मुकेरियां रजनीश कुमार बब्बी, डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्जवल, एसएसपी जे. एलनचेलियन ने शहीद को पुष्पांजलि भेंट की।
बब्बी ने कहा कि शहीद अरविन्दर कुमार ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान की है, जिस के लिए देश और सूबा हमेशा उनका कर्जदार रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पंजाब सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और परिवार को किसी भी तरह की मुश्किल नहीं आने दी जाएगी। दो दिन पहले सुरक्षा बलों की ओर से चलाए विशेष ऑपरेशन के दौरान अरविंदर कुमार शहीद हुए थे। उनके साथ 2 और जवान भी शहीद हो गए थे।