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शहीद को अंतिम विदाई, सात महीने के बेटे ने नमन किया, पत्नी और पिता हाथ जोड़ बोले- गर्व है

Wed, 09 Sep 2020 07:13 PM IST
खुशबू गोयल हनी सोनी, चरखी दादरी (हरियाणा)
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शहीद जवान का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
सात महीने के बेटे और पत्नी ने नमन किया। पिता और भाई ने सैल्यूट किया, फिर शहीद भूपेंद्र सिंह अपनी आखिरी यात्रा पर निकले। देखिए अंतिम संस्कार की तस्वीरें...
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घर पहुंचा शहीद जवान का पार्थिव शरीर - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर उल्लंघन में शहीद हुए चरखी दादरी जिले के बांस गांव के भूपेंद्र चौहान की बुधवार दोपहर राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। शहादत के पांचवें दिन उनका पार्थिव शरीर सुबह 10:08 बजे गांव बांस में पहुंचा। 327 मध्यम तोपखाना रेजिमेंट के मेजर प्रिंस जोय फर्नांडीस समेत सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक सोमबीर सांगवान, उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा और पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा ने शहीद को सलामी दी।
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शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते लोग - फोटो : अमर उजाला
विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। बता दें कि बांस गांव निवासी 23 वर्षीय भूपेंद्र 327 मध्यम तोपखाना रेजिमेंट में बतौर गनर तैनात थे। उनकी पोस्टिंग बारामूला में थी। गत शनिवार को वे ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग के साथ मोटार्र भी दागे गए। इसमें गनर भूपेंद्र शहीद हो गए थे, जबकि दो साथी घायल हो गए थे। रविवार को शहीद का पार्थिव शरीर गांव बांस में पहुंचना था, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते बुधवार सुबह पहुंचा।

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शहीद जवान भूूपेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
सेना के वाहन में गांव बांस में पहुंचा शहीद का पार्थिव शरीर 
बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे दिल्ली में श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद के पार्थिव शरीर को सेना के वाहन में गांव बांस लाया गया। पार्थिव शरीर के झज्जर पहुंचने से पहले ही करीब एक हजार बाइक सवार युवा शवयात्रा में शामिल होने झज्जर पहुंच गए। इसके बाद गांव बांस में घर पर शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचा। 
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पत्नी के साथ शहीद जवान भूपेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला
यहां शहीद की पत्नी रेखा और मां राजेश देवी ने रस्में पूरी कीं। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर का गांव स्थित बाबा कैन आला डेरा परिसर में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। सेना और हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने चार राउंड फायर कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना की तरफ से तीन तो पुलिस की तरफ से एक राउंड फायर किया गया। 
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शहीद जवान भूपेंद्र के पिता मल्खान सिंह - फोटो : अमर उजाला
सात माह के बेटे को देखकर आंखें हुईं नम
दोपहर 12 बजे शहीद भूपेंद्र की अंत्येष्टि की गई। इससे ठीक पांच मिनट पहले पिता के अंतिम दर्शन कराने के लिए उनका सात माह का बेटा पूर्व लाया गया। नवजात को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। शहीद की अंतिम यात्रा में पुरुषों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। नारों के साथ शहीद के शव के साथ गांव का चक्कर भी लगाया गया।
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अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब।
10 दिन बाद पठानकोट वापस आनी थी यूनिट
अपने साथी को अंतिम विदाई देने उनकी बटालियन में तैनात सैनिक भी गांव बांस पहुंचे। सैनिकों ने बताया कि बारामूला में तीन साल की समयावधि पूरी होने वाली है। 10 दिन बाद ही उनकी यूनिट वापस पठानकोट आने वाली थी लेकिन उससे पहले भूपेंद्र शहीद हो गए।

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छोटा भाई बोला - सेना में भर्ती होकर करूंगा पिता व भाई का सपना पूरा
शहीद भूपेंद्र के छोटे भाई दीपक का कहना है कि बड़े भाई की शहादत पर उसे गर्व है। उसके बड़े भाई भूपेंद्र व पिता मलखान की इच्छा थी कि मैं सेना में भर्ती होकर उनका सपना पूरा करूं।
 
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शहीद पति के अंतिम दर्शन के दौरान विलाप करतीं पत्नी रेखा।
हमारे वीर जवान भूपेंद्र की शहादत पर सेना को गर्व है। पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में जवान भूपेंद्र शहीद हुआ। - प्रिंस जोय फर्नांडीस, मेजर, 327 मध्यम तोपखाना रेजिमेंट 
 

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