मां ने माथा चूमा, पत्नी ने सैल्यूट किया, तब चली शहीद कुलदीप सिंह की शवयात्रा। नम आंखों के साथ भाई ने भाई को मुखाग्नि दी और बताया कि वह बेटे को भी कमांडो बनाना चाहता था। तस्वीरों में देखिए जवान की अंतिम यात्रा।
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कुलदीप सिंह को अंतिम विदाई
30 डिग्री से माइनस 40 डिग्री के करीब तापमान में जहां सांस लेना मुश्किल होता है, वहां वीर जवान कुलदीप सिंह ने बहादुरी दिखाई और शहीद हो गए। रविवार को पार्थिव शरीर घर लाया गया, शाम को ही उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। घर पर अंतिम दर्शनों के बाद शव श्मशान घाट ले जाया गया, जहां सेना की सलामी के बाद भाई सुखवंत सिंह ने मुखाग्नि दी। कारगिल के बटालिक सेक्टर में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आने से नायक कुलदीप सिंह शहीद हो गए।
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कुलदीप सिंह को अंतिम विदाई
कुलदीप सिंह पंजाब के अमृतसर के रहने वाले थे। शहीद जवान का पार्थिव शरीर रविवार को एयर इंडिया के विमान से अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचा। जहां से पार्थिव शरीर सड़क के रास्ते पैतृक गांव कलेर बाला पाई लाया गया। यहां पहुंचते पर इलाके के कई लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वहीं शव घर पहुंचते ही चीख पुकार मच गई। शहीद की मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद कुलदीप सिंह भारतीय सेना में पांच सिख रेजीमेंट में नायक के पद पर थे। इन दिनों उनकी पोस्टिंग बटालिक सेक्टर में थी।
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कुलदीप सिंह को अंतिम विदाई
एलओसी कारगिल में लेह से ऊपर यह एक ऐसी जगह है, जहां इन दिनों माइनस 30 डिग्री से माइनस 40 डिग्री के करीब तापमान रहता है। इस तापमान के चलते पड़ रही बर्फ में आम इंसान का सांस लेना मुश्किल होता है। वहां कुलदीप सिंह रास्ता साफ करने के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे थे कि हिमस्खलन हो गया और कुलदीप बर्फ के एक बड़े पहाड़ के नीचे दब गए। करीब तीन-चार घंटे के बाद कुलदीप सिंह को निकाला गया तो वह सांसें ले रहे थे। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
शहीद कुलवंत सिंह अपने पीछे पत्नी व बेटे के अलावा अपने माता पिता व भाई को छोड़ गए हैं। जानकारी देते हुए सब डिवीजन बाबा बकाला साहिब के एसडीएम अश्वनी कुमार ने बताया कि शहीद का भाई भी सेना में है और छत्तीसगढ़ में तैनात है। उन्होंने शहीद कुलदीप सिंह की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की अपील की है। वहीं शहीद जवान के भाई सुखवंत ने बताया कि कुलदीप सिंह अपने बेटे को कमांडो बनाने की ठान चुके थे, लेकिन उनका यह सपना बर्फ में ही दफन हो गया।