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सर्जिकल स्ट्राइक पर आर्मी चीफ के पिता बोले, मेरे हाथ तो बंधे थे वरना...

Wed, 05 Oct 2016 10:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
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सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बोले दलबीर सुहाग के पिता - फोटो : अमर उजाला
साल 1971 में जब मैं बार्डर पर तैनात था तो पाक सैनिक बोलते थे कि तुम फायर नहीं कर सकते। तुम्हारे आदेश दिल्ली से आएंगे। हमारे आदेश हमारी जेब में हैं।
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सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बोले दलबीर सुहाग के पिता - फोटो : अमर उजाला
ये कहना है, भारतीय आर्मी चीफ दलबीर सुहाग के पिता रिटायर्ड सूबेदार रामफल सुहाग का। साल 1962, 65 और 71 की लड़ाई लड़ चुके सूबेदार रामफल बोले कि पीओके में आतंकी कैंप पर सर्जिकल स्ट्राइक पर बेटे ने सैनिकों के हाथ खोलकर पाक को सबक सिखाया तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
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सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बोले दलबीर सुहाग के पिता - फोटो : अमर उजाला
अपने सैनिक कार्यकाल की एक घटना के बारे में रामफल सुहाग ने कहा, "मैं साल 1971 में पंजाब के फाजिल्का बार्डर के बांध पर तैनात था। तब लगता था कि हमारे हाथ बंधे हैं, लेकिन अब उड़ी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक की गई तो पता चला कि भारतीय सेना के आदेश बंदूक के ट्रिगर की अंगुली पर आ चुके हैं।

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आर्मी प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग वेस्टर्न कमांड का दौरा करते हुए
सूबेदार रामफल ने बताया कि उनके बेटे दलबीर को बचपन से ही सेना में जाने का शौक था। उन्होंने बेटे से कहा था कि दुश्मन को पीठ नहीं दिखाना, दुश्मन को छाती दिखाना। अब सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए बेटे ने पाकिस्तान को ईंट का जवाब पत्थर से दिया है। सेना के जवानों ने देशवासियों में देशभक्ति का जज्बा और भर दिया है।
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भारतीय सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि हरियाणा के झज्जर के गांव बिशन में जन्मे दलबीर सुहाग अपने परिवार की दो पीढ़ियों की फौजी परंपरा निभा रहे हैं। सुहाग के पिता रामफल सिंह सुहाग सेना में बतौर सुबेदार काम कर चुके हैं। इनके दादा भी भारतीय सेना में निचले रैंक पर देश की सेवा कर चुके हैं।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ सेना प्रमुख दलबीर सुहाग - फोटो : अमर उजाला
शुरुआती दिनों में गांव के स्कूल के अपनी पढ़ाई शुरू करने वाले सुहाग अपने परिवार के पहले फौजी हैं, जो इस ऊंचाई पर पहुंचे हैं। 1974 में कमीशन पा कर 5 गोरखा रायफल्स रेजिमेंट से कैरियर की शुरुआत करने वाले सुहाग शारीरिक चुस्ती के बड़े हिमायती हैं।
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आर्मी प्रमुख जनरल दलबीर सुहाग वेस्टर्न कमांड का दौरा करते हुए
सुहाग जम्मू-कश्मीर सहित कई सफल अभियान की कमान संभाल चुके हैं। वह श्रीलंका में भेजे गए भारतीय शांति बल (आईपीकेएफ) के कंपनी कमांडर थे। सुहाग ने यह जिम्मेदारी अपनी पहल पर ली थी। उस दौरान सुहाग देहरादून स्थित भारतीय मिलिट्री अकादमी (आईएमए) के इंस्ट्रक्टर थे।
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सेना प्रमुख के साथ सेना के अधिकारी - फोटो : Amar Ujala
दलबीर सुहाग की मां ईशरी देवी ने बताया कि दलबीर ने 1974 में सेना की नौकरी जॉइन की थी। आर्मी चीफ की छोटी बहन सुनीता देवी ने भी कहा कि उनके भाई पर हर देशवासी गर्व महसूस कर रहा है। पूरे देश के साथ झज्जर जिले में सेना प्रमुख के घर पर बधाई देने वालों की लाइन लगी है।
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