बिपिन रावत
सेनाध्यक्ष ने कहा कि कश्मीर रीजन में घुसपैठियों के बजाय लोकल आतंकी ज्यादा हैं, इन लोगों को पैसों का लालच और गलत जानकारी देकर भड़काया जाता है और आतंकी संगठनों से जोड़ लिया जाता है, प्रशिक्षण होता नहीं, इसलिए आतंकी बनने के घंटों, हफ्तों या महीनों में आर्मी की गोली का शिकार बन जाते हैं। इन लोगों की उम्र ज्यादा नहीं रहती।