डॉक्टर न बन पाईं तो उड़ाने लगीं जहाज, सबको नाज, मिलिए इनसे
Tue, 01 Nov 2016 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
भारतीय वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य में हम आपको हरियाणा की पहली महिला पायलट के बैंकग्राउंड के बारे में बताते हैं, जो डाक्टर बनना चाहती थीं।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
ये हैं करनाल की अक्षी गुप्ता, जोकि हरियाणा की पहली महिला पायलेट हैं और इंडियन कोस्ट गार्ड में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट तैनात हैं।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
अक्षी बताती है कि पहले डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन टेस्ट पास न कर पाईं। चंडीगढ़ में केबिन क्रू के इंटरव्यू में बाय चांस बैठीं और पास हो गई।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
अक्षी के पिता हरिराम गुप्ता बताते हैं कि जब वह बेटी को विदेश भेज रहे थे, तब कुछ रिश्तेदार ताने देते थे। क्या कर रहे हो, बेटी को अकेले मत भेजो।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
पर मैंने ठान लिया था कि बेटी जो चाहेगी, वो जरूर करेगी। वे पीछे नहीं हटे और उन्होंने अपनी बेटी को ट्रेनिंग देने भेज दिया।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
फिलीपिंस में ट्रेनिंग लेने पहुंची अक्षी के लिए बहुत मुश्किलें आई। वेजिटेरियन अक्षी के लिए यहां रहना ही मुश्किल हो गया।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
खाने को नॉनवेज ही मिलता या फिर ब्रेड। एक साल तक ट्रेनिंग के दौरान ब्रेड खाकर ही गुजारा किया। कई बार वापस जाने का मन किया, लेकिन पीछे न हटीं।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
इस तरह मुश्किलों के बीच अक्षी ने अपना सपना पूरा किया। उसके पायलट बनने पर सांभली गांव की पूरी पंचायत उनके घर बधाई देने के लिए पहुंची।
हरियाणा की पहली महिला पायलट अक्षी गुप्ता
जो उसके पिता के लिए बड़े गौरव की बात थी। अक्षी के नाम कोस्ट गार्ड के इतिहास में पहली बार 18 सीटर डॉरनियर एयरक्राफ्ट उड़ाने का रिकॉर्ड भी नाम है।