बताते चलें कि लेह, दुनिया के सबसे ऊंचे और सबसे कठिन परिचालन वाले हवाई क्षेत्र में से एक है। साफ मौसम के दौरान भी इस हवाई पट्टी पर किसी विमान को उतारना एक बड़ी चुनौती होता है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में जब पूरा इलाका जबरदस्त बर्फ से ढका हुआ है, उसके बावजूद एएन-32 ने बायोजेट इंधन के साथ यहां लैंडिंग कर एक इतिहास रचा है। वायु सेना के एक अधिकारी के अनुसार यह ऑपरेशन एक बड़े खतरे से कम नहीं था।