सूखना लेक पर जानवरों को बचाने के लिए सैकड़ों लोग जुटे। इस दौरान किसी ने अपने चेहरे तो किसी ने अपने हाथ पर पेंटिंग बना कर जानवरों को बचाने की अपील की। देखिए तस्वीरें।
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animal derived rally
- फोटो : अमर उजाला
सुखना लेक पर रविवार को इंडिया यूनाइटस फॉर एनिमल (आईयूएफए)के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बेजुवानों और कमजोर जानवरों पर अत्याचार करने और उनका दुरुपयोग करने वालो को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आईयूएफए के वलंटियरों में नीनू सोढी, विकास लूथरा, मीनाक्षी महापात्रा निधि आनंद, एडवाकेट एसएस गिल सहित अन्य ने बताया कि जानवारोंके प्रति होनेवाले अत्याचारों के विरुद्ध आंदोलन करने का प्रयास है।
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आजादी के संघर्ष के बाद राष्ट्र की मानसिकता में पशुओं के अत्याचारों के प्रति कोई परिवर्तन नहीं आया है। उन्होंने बताया कि मनुष्यों की पशुओं के प्रति अत्याचारों की पाश्विकता में बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने कहा कि जानवरों पर अत्याचार जारी है। यह घटना दर्शाती है कि जानवरों के लिए कानून कितने कमजोर हैं।
हैदराबाद में तीन पिल्लों को जिंदा जलाना, चैन्नई में छोटे पिल्ले को इमारात से नीचे फेंकना , विडियो बनाकर अपने कृत्य को दिखाना और कुछ जुर्माना देकर कानून से बरी हो जाना। इसके कारण पशु कार्यकर्ता संघर्षरत हैं।