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बाप रे बाप इतनी अनोखी बच्ची कि आप देखना चाहेंगे इसकी सभी तस्वीरें

Tue, 09 May 2017 09:56 AM IST
amarujala.com- Written by: खुशबू गोयल
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अनोखी बच्ची चाहत
आपने कई तरह के बच्चे देखे होंगे, लेकिन इस बच्ची को देखेंगे तो आपकी आंखें फटी रह जाएंगी। इसके बारे में जानेंगे तो सिर ही चकरा जाएगा आपका।
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अनोखी बच्ची चाहत
ये बच्ची पंजाब के अमृतसर में देखने को मिली। नाम चाहत, उम्र 9 महीने और वजन 19 किलो। भूख इतनी लगती है कि ये हाल हो गया। मां बाप के मुताबिक, ये सामान्य बच्चों से चार गुना ज्यादा खाना खाती है। पिता सूरज ने अपनी हैसियत के हिसाब से डॉक्टरों की मदद ली, लेकिन डॉक्टर बच्ची की बीमारी का पता लगाने में नाकाम रहे। बच्ची की त्वचा इतनी मोटी और कठोर हो गई है कि उसका ब्लड सैंपल लेना संभव नहीं है।

 
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अनोखी बच्ची चाहत
परिवार के पास इतने पैसे नहीं है कि उसका इलाज किसी बड़े नामी अस्पताल में कराया जा सके। परिवार की मजबूरी और बच्ची का हाल देखते हुए जीएनडीएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट  डॉ. राम सरूप शर्मा ने उसका इलाज करने का बीड़ा उठाया है। वे कहते हैं चाहत स्पेशल बच्ची है, जिसे इलाज की तुरंत आवश्यकता है। अगर उसके माता पिता चाहल को गुरु नानक देव अस्पताल लेकर आते हैं, तो उसे स्पेशल केयर दी जाएगी।

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अनोखी बच्ची चाहत
इसी के तहत बच्ची को अब PGI चंडीगढ़ रैफर कर दिया गया है। हार्मोनल टेस्ट ना होने के कारण जीएनडीएच के डॉक्टर्स को यह कदम उठाना पड़ा। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने वहां के डॉक्टर्स से बात करके चाहत को ट्रीटमेंट करने की बात कही। चाहत के पेरेंट्स अब उसे चंडीगढ़ पीजीआई लेकर जाएंगे। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राम सरूप शर्मा ने पीजीआई के डॉक्टर्स के साथ बात करने के बाद ही ये फैसला लिया गया।

 
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अनोखी बच्ची चाहत
डॉ. शर्मा ने बताया कि चाहत की मोटी चमड़ी के कारण उसके खून टेस्ट व हार्मोनल टेस्ट नहीं हो पाए। डॉक्टर्स का मानना है कि चाहत की ये हालत के पीछे हार्मोनल डिसऑर्डर ही है। डॉक्टर्स ने रिसर्च और पुरानी स्टडीज के अनुसार उसका इलाज तो शुरू किया, लेकिन उससे अधिक फायदा नहीं हो पाया। पीजीआई में अधिक सुविधाएं हैं और वहां हार्मोनल टेस्ट की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
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अनोखी बच्ची चाहत
बच्ची मां रीना कुमार बताती हैं कि बच्ची जन्म से लेकर 4 महीने की उम्र तक नॉर्मल थी, लेकिन फिर अचानक न जाने क्या हुआ कि हर रोज इसका वजन बढ़ रहा है। बढ़ते वजन के कारण चाहत ना तो ठीक से सो पाती है और ना सांस ले पाती है। उसे सामान्य बच्चों से चार गुना ज्यादा भूख लगती है और खाना नहीं मिलने पर वो रोने लगती है। चाहत एक दिन में पूरे परिवार के जितना खाना खा जाती है।

 
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अनोखी बच्ची चाहत
रेणू बताती हैं कि चाहत एक कमरे में खिलौने के साथ खेलती रहती है। खिलौना ले लो तो रोने लगती है। अपनी जगह से हिलने का प्रयास तो करती है, लेकिन ऐसा कर नहीं पाती। एक-आध घंटे के बाद मां की तरफ देखकर रोने लगती है, जिसके बाद मां उसे अपना दूध पिला शांत करती है। चाहत के अभी तक दांत भी नहीं निकले और वे मात्र उसका दूध ही पीती है।

 
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अनोखी बच्ची चाहत
रेणू बताती हैं कि चाहत नॉर्मल बच्चे की तरह दिन में 10 से 12 घंटे तक सोती है। चार माह के बाद उन्हें अहसास हो गया था कि उनकी बेटी में कुछ बीमारी है। चार माह की थी तो उसका वजन 9 किलोग्राम हो गया था। इसके बाद डॉक्टर्स को दिखाया, लेकिन कोई इसे समझ ना पाया। पास ही रहने वाले डॉ. वासूदेव शर्मा ने उन्हें सिविल अस्पताल जाने को कहा, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें गुरु नानक देव अस्पताल रैफर कर दिया था।

 
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