धार्मिक रीति रिवाजों, फौजी और राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी गई।शहीद के 11 साल के बेटे जोबनप्रीत सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। शहीद के परिवार में बुजुर्ग मां शकुंतला कौर, पत्नी गुरदीप कौर, 11 साल के बेटे और 15 साल की बेटी महकप्रीत कौर व तीन बहनें हैं।