नोटबंदी की घोषणा के बाद से लोग लंबी लंबी कतारों में लगकर 1000/500 के नोट आपने भी बैंकों में जमा करवाए हैं तो ये खबर जरूर पढ़ लीजिए।
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- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के एक बैंक अधिकारी के मुताबिक बैंकों में जमा हो रहे कैश पर आयकर विभाग ने कड़ी नजर रखी हुई है। 8 नवंबर के बाद बैंक खाते में अढ़ाई लाख से ज्यादा जमा करने वालों को पाई-पाई का हिसाब देना होगा। हिसाब न दे पाए तो आईटीआर फाइल करने से पहले ही आपको 200 फीसदी जुर्माना देना होगा।
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उल्लेखनीय है कि सरकार ने 8 नवंबर को 500 रुपए व 1000 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया और ग्राहकों को 50 दिन का समय दिया ताकि वे अपने मौजूदा नोटों को बदल सकें। सरकार के इस कदम का उद्देश्य यही है कि पुराने नोटों को बदलने की 50 दिन की अवधि में लोग अपने कालेधन को वैध न बना सकें।
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सरकार की नजर देश के 25 करोड़ से ज्यादा जनधन अकाउंट पर भी है। असल में सरकार को भी इन अकाउंट्स में ब्लैकमनी पहुंचने का डर सता रहा है क्योंकि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बाद ऐसी आशंका है, बहुत से लोग जनधन अकाउंट का यूज ब्लैकमनी को व्हाइट करने में कर सकते हैं।
सरकार ने इस बारे में लगातार जानकारी दी है कि जिनके पास 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट हैं, वे सेफ हैं। 2.5 लाख रुपए तक डिपॉजिट पर कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इससे ज्यादा के डिपॉजिट पर बैंकों को इस बारे में आईटी डिपार्टमेंट को जानकारी देनी होगी। वरना आपको भारी जुर्माना सहना पड़ सकता है।