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जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?

Tue, 14 Jul 2015 04:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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जमीन से निकला नरकंकाल निकला है। उसे बोरी के अंदर किसने डाला। जिंदा गाड़ा था या हत्या के बाद बोरी में डाल शव दफनाया गया था। देखिए, अनसुलझे सवाल।
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जिंदा गाड़ा या मार के दफनाया, राज 'खोपड़ी' खोलेगी या ये?

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मामला, हरियाणा में रोहतक के गांव बहुअकबरपुर में मिले नरकंकाल का है। जमीन में बाहर निकली 'खोपड़ी' से ये तो पता चल गया कि यहां बोरी में इंसान दफन है, लेकिन ये यहां तक कैसे पहुंचा और ये कौन है, ये अनसुलझा है। मौके पर मिले मोबाइल से इसका कोई सुराग मिलने की आस जिंदा है।
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दरअसल, बहुअकबरपुर के पास हिसार बाईपास पर अचानक एक इंसानी खोपड़ी लोगों की नजर में आई थी। देखते ही लोगों पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की।

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कंकाल एक बोरी में बंद मिला। आधा कंकाल बोरी में बंद था और जमीन में ही गड़ा हुआ था। दो दिनों तक बारिश के कारण रोड के पास बने नाले की मिट्टी बह गई। इससे कई माह से दबा कंकाल आधा बाहर आ गया। खोपड़ी किसी वजह से कंकाल से दूर तक चली गई।
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बोरी में कंकाल के साथ कुछ सड़ी गली हालत में कपड़े भी मिले हैं। ये कपड़े सर्दी में पहने जाने वाले गर्म कपड़ों की तरह हैं। इससे अंदाजा लगाया गया है कि हत्या चार या पांच माह पहले की गई होगी। साथ मिली पेंट की जेब से एक लाल रंग का मोबाइल भी मिला है। इसे अहम सुराग माना जा रहा है।
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कंकाल के कुछ हिस्सों को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। मोबाइल से भी राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस अब पिछले दिनों संदिग्ध परिस्थितियों में गुम हुए व्यक्तियों की डिटेल भी खंगालेगी।
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दूसरी ओर, जब पुलिस ने आधा कंकाल बाहर निकला हुआ देखा तो बोरी को बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों की मदद मांगी गई। लेकिन खुदाई के लिए कोई राजी नहीं हुआ। एक ग्रामीण ने एक हजार रुपये में खुदाई करके कंकाल निकालने की बात कही। उसे एक हजार दिए गए, तब उसने खुदाई की और बोरी को बाहर निकाला।
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