राम रहीम के लिए पंचकूला को जलाने वाली हनीप्रीत का कबूलनामा पढ़िए। इसमें वे 6 राज बताए गए हैं, जो उसने पूछताछ में उगले, पढ़कर यकीं नहीं होगा।
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Honeypreet Insan Arrest
एसआईटी की चार्जशीट के मुताबिक, 25 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई अदालत में गुरमीत राम रहीम के खिलाफ फैसला सुनाए जाने के बाद हुई हिंसा के पीछे हनीप्रीत का ही हाथ था। हनीप्रीत ने ही साजिश रची थी, ताकि वह राम रहीम को लेकर विदेश भाग सके। इसका खुलासा उसने खूद अपने कबूलनामे में किया है। कबूलनामे के मुताबिक हनीप्रीत ने पंचकूला हिंसा और गुरमीत राम रहीम को फरार करवाने की साजिश रचने का जुर्म कबूल कर लिया है।
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पंचकूला कोर्ट में हनीप्रीत
बाबा को नेपाल लेकर जाना चाहती थी
पुलिस को दिए गए अपने बयान में हनीप्रीत ने कहा है कि उसने हिंसा, आगजऩी, तोड़फोड़ और खून-खराबा इसलिए करवाया था, ताकि पुलिस का ध्यान गुरमीत से हट जाए। वह बाबा को लेकर नेपाल के रास्ते किसी और देश में जाना चाहती थी। पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला बोलने का प्लान भी हनीप्रीत ने ही बनाया था। हनीप्रीत ने ही डेरा समर्थकों को हथियार और लाठियां, डंडे, डीजल और पेट्रोल मुहैया करवाया गया था।
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राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत
देशभर से बुलाए थे समर्थक
एसआईटी की चार्जशीट के मुताबिक, हनीप्रीत और उसके साथियों की टीम ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए। डेरा गैंग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब आदि राज्यों से लाखों की संख्या में समर्थक बुला कर उनको लाठियां, डंडे, पेट्रोल, डीजल और पैसा मुहैया करवाया। फिर उन लोगों को पंचकूला की सड़कों पर बैठा दिया ताकि सरकार और कोर्ट दबाव में आकर गुरमीत राम रहीम सिंह को छोड़ दें।
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राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत
पंचकूला सेक्टर 12 में छिपाए थे रुपये
पुलिस चार्जशीट में सामने आया है कि हनीप्रीत ने डेरा में जमा काला धन पंचकूला हिंसा पर खर्च करवाया था। राम रहीम की गुफा में इकट्ठा किए गए 1.25 करोड़ रुपये बाबा के निजी सचिव राकेश ने पंचकूला नाम चर्चा घर के इंचार्ज चमकौर सिंह को सौंपे थे। इसमें से 25 लाख रुपये आदित्य इंसां, 25 लाख पवन इंसां, 25 लाख गोभी राम, 18 लाख राम सिंह और 7 लाख रुपये राम रहीम के अधिकारियों को दिए गए थे। 25 लाख रुपये पंचकूला के सेक्टर 12 की बेसमेंट में छिपा कर रखे गए थे। इसमें से पुलिस ने 24 लाख, 80 हजार, 500 रुपये बरामद कर लिए थे।
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राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत
समर्थकों को पंचकूला में डटे रहने की थी हिदायत
चार्जशीट के मुताबिक, 25 अगस्त को हिंसा और आगजनी को अंजाम देने के लिए समर्थकों को पंचकूला और आसपास में ही डटे रहने की हिदायत थी। हालांकि ट्वीट के जरिये समर्थकों को वापस लौटने की बात कही गई थी, लेकिन मोबाइल, इंटरनेट सहित तमाम संचार माध्यमों के अलावा मौखिक रूप से भी डेरा के नजदीकियों से यह बात कह दी गई थी। डेरा समर्थकों ने हिंसा के दिन पंचकूला में सरकार के खिलाफ नारे लगते हुए खिलाफत करते हुए तख्ता पलट करने की भी बात कही थी।
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Honeypreet Insan
साजिश के तहत अफवाहों का बुन लिया था जाल
चार्जशीट के मुताबिक, आदित्य इंसां, हनीप्रीत सहित हिंसा मामले के अन्य आरोपियों के बारे में व्हाट्सएप के जरिये खूब अफवाहें फैलाईं, ताकि हकीकत का पता चलने से पहले आरोपियों को फरार होने का मौका मिल सके। पूछताछ के दौरान भी आरोपियों ने दूसरों के बारे में झूठी जानकारियां दीं, ताकि पुलिस के पहुंचने से पहले किसी दूसरे शहर या ठिकाने तक पहुंचने का मौका मिले। हनीप्रीत ने अपने कबूलनामे में कहा है कि उसने खुद के भावुक होने की एक वीडियो भी तैयार की थी ताकि लोगों की सहानूभूति हासिल हो सके।
नपुंसक बनाए जाने के बाद भी नहीं छोड़ा साथ
चार्जशीट के मुताबिक, डेरे के नजदीकी दान सिंह को नपुंसक बनाए जाने के बाद भी वह लगातार डेरा के साथ जुड़ा रहा। स्पोर्ट्स और लीगल विंग का काम देखने वाले दान सिंह सहित डेरा के कई समर्थकों की यही पीड़ा रही। चार्जशीट में इसका खुलासा हुआ है, लेकिन अभी भी नपुंसकता मामले के बाद भी क्यों और कैसे समर्थक डेरे से जुड़े रहे। हिंसा के बाद गिरफ्तार दो आरोपियों ने कबूल किया था कि उन्हें भी नपुंसक बनाया गया। इस मामले के लिए डॉक्टरों की कमेटी भी बनी, लेकिन बाद में मामला ट्रांसफर कर दिया गया।