गर्मी बढ़ने के साथ लोगों को कई तरह की समस्याएं होनी शुरू हो गई हैं। किसी को पेट संबंधी मर्ज सताने लगा है तो कोई वायरल और डायरिया के साथ लू का शिकार हो रहा है। कोरोना महामारी के दौर में अस्पताल में इलाज के लिए न पहुंचने पर मर्ज ज्यादा तकलीफ दे रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के कारण होने वाले दूसरे तरह के संक्रमण से खानपान और रहन-सहन में सावधानी बरतकर बचा जा सकता है।
विज्ञापन
2 of 5
गर्मी का सितम
- फोटो : Amar Ujala
जीएमएसएच-16 के फिजिशियन डॉ. मनीष कुमार के अनुसार तापमान बढ़ने के साथ संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि ताजा सुपाच्य भोजन किया जाए। पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन किया जाए। घर से बाहर निकलते समय धूप से बचाव के उपाय करके ही निकला जाए। डॉ. मनीष का कहना है कि अगर स्थिति बिगड़े तो घरेलू उपाय करने की बजाय तत्काल डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
विज्ञापन
3 of 5
गर्मी का सितम
- फोटो : अमर उजाला
हो रहीं ये बीमारियां: इंफेक्शन से पेट संबंधी रोग व अन्य रोग। बैक्टीरिया से बुखार व अन्य मर्ज। गर्मी में बेचैनी होने से हृदय रोग। तेज धूप से त्वचा झुलसना व दाने पड़ जाना। गर्मी में गंदगी से त्वचा में फंगल इंफेक्शन की समस्या।
ऐसे करें बचाव: दिन में पानी का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। धूप एवं गर्मी से बचने का प्रयास करें। इंफेक्शन से बचने के लिए बासी भोजन व खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें। पेट के रोगी पानी को उबाल कर पीएं।
4 of 5
गर्मी का सितम
लू से बचने के घरेलू उपाय: धूप में निकलते वक्त छाते का इस्तेमाल करें। घर से पानी या ठंडा शरबत पीकर बाहर निकलें। तेज धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पीएं। बार-बार पानी पीते रहें, इससे कि शरीर में पानी की कमी न हो। पानी में नींबू और नमक मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीएं। इससे लू लगने का खतरा कम रहता है। धूप में खाली पेट बाहर न जाएं। हल्का भोजन करें। भोजन में दही को शामिल करना चाहिए। भोजन के बाद गुड़ खाने से भी लू लगने का खतरा कम होता है। टमाटर की चटनी, नारियल और पेठा खाने से भी लू नहीं लगती।
इस तरह बरतें सावधानियां: साफ पानी का उपयोग करें और बाहर के खाने से परहेज करें। गर्मी में टायफाइड ज्यादा होता है। लगातार बुखार रहना, कम भूख लगना, उल्टी और खांसी जुकाम पर डॉक्टरी सलाह लेकर इलाज कराएं। गर्मियों में चिकनपॉक्स बड़ी तेजी से बढ़ता है। शरीर में दाने हो जाते हैं और तेजी से बुखार आता है। विशेष देखरेख करें। शरीर में पूरे समय पानी की उपलब्धता बनी रहे। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और कड़ी धूप में निकलने से परहेज करना चाहिए।