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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने, भीड़ इतनी कि किसी को भी रुला दे!

Sun, 13 Nov 2016 05:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने - फोटो : अमर उजाला
'दो दिन से नंबर नहीं आया इसलिए आज घर से चाय-पराठा लेकर आया हूं, आज पैसे निकलवाकर ही जाउंगा।'
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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने - फोटो : अमर उजाला
500 और 1000 के पुराने नोट जमा कर नए लेने के लिए शनिवार को लोग सुबह आठ बजे से ही बैंकों के आगे पहुंचना शुरू हो गए। 
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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने
वहीं कई लोग चाय-पराठा लेकर नोट बदलने के लिए बैंक पहुंचकर लाइन में लगे। सुबह से शाम तक बैंकों के आगे लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।

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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने
घर से चाय व पराठा लेकर सिविल स्टेशन स्थित एक प्राइवेट बैंक के बाहर पहुंचे राजू व प्रदीप ने बताया कि जब से पुराने नोट चलने बंद हुए है तब से उनके घर का गुजारा नहीं हो रहा है। वह तो दिहाड़ी कर अपने परिवार का पेट पालते हैं। पिछले दो दिन से वह बैंक में आ रहे हैं। 
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कैश की किल्लत - फोटो : amar ujala
राजू ने बताया कि लाइन इतनी लंबी लग जाती है कि जब तक उनकी बारी आती है तब तक बैंक में या तो नई करेंसी समाप्त हो जाती है या फिर बैंक बंद होने का समय हो जाता है। इसके चलते आज वह अपने पैसे निकलवाने के लिए सुबह से ही अपने साथ चाय-पराठा लेकर आए हैं। 
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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने
उधर, शहर के हर बैंक के आगे लगी लोगों की लंबी कतारें बैंक में पैसा जमा करवाने वालों की कम है और बैंक से नई करेंसी निकलवाने व बदलवाने वालों की ज्यादा भीड़ है। बैंकों में ज्यादातर लोग अपने साथ महिलाओं को लेकर आ रहे हैं। 
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चाय-पराठा लेकर पहुंचे नोट बदलने - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं की भीड़ पुरुषों के मुकाबले थोड़ी कम होने के चलते उनकी बारी जल्द आ जाती है। वहीं लाइनों में खडे़ होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे कई ऐसे लोग मिले जब उनकी बारी आई तो नई करेंसी खतम हो चुकी थी। इस पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। 
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