500-1000 के नोट बंद करके पीएम मोदी ने देश को हिला दिया, अब लोग काले धन को सफेद करने के जुगाड़ में लगे हुए है। धड़ाधड़ काम चल रहा है। देखिए
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काले धन को सफेद करने के लिए जुगाड़ का सहारा
1000-500 रुपये के नोटों को तत्काल बंद करने की घोषणा के बाद अमेरिकन व आस्ट्रेलियन डालर की खरीद चौंकाने वाली तेजी से बढ़ा है। इन डालरों की खरीद बाजार में पुराने नोटों से हो रही है। हालात यह है कि काले धन वाले अमेरिकन डालर 100 रुपये में खरीद रहे हैं।
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काले धन को सफेद करने के लिए जुगाड़ का सहारा
शुक्रवार को इसका दाम 66 रुपये 98 पैसा था। पुराने एक हजार व 500 रुपये के नोट के बदले 100 रुपये का अमेरिकन डालर बिक रहा था दोआबा में एक कारोबारी के मुताबिक दोआबा में दो करोड़ की विदेशी करेंसी की खरीद बाजार में पिछले चार दिन के दौरान हुई है।
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काले धन को सफेद करने के लिए जुगाड़ का सहारा
मिली जानकारी के मुताबिक लोगों ने काली भारतीय करेंसी को डालरों में एक्सचेंज करवाकर राहत की सांस ली है, क्योंकि भारतीय करेंसी पर केंद्र तो प्रतिबंध लगा सकती है। विदेशी करेंसी को रोकने का कोई रास्ता ही नहीं है।
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मनी
- फोटो : amar ujala
जहां अमेरिकन डालर बाजार में तेजी से बिक रहा था, वहीं आस्ट्रेलियन डालर 70 रुपये था, शुक्रवार को इसका दाम 51 रुपये था। इसी तरह से 84 रुपये प्रति पौंड थी, वह 120 रुपये तक पुराने नोटों पर बाजार में बिक रहा था।
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काले धन को सफेद करने के लिए जुगाड़ का सहारा
बाजार के एक कारोबारी ने बताया कि सरकार ने जो काले धन को सफेद करने के लिए इनकम टैक्स की स्कीम निकाली थी, उसमें 45 फीसदी टैक्स अदा कर धन सफेद करवाया जा सकता था लेकिन अब विदेशी करेंसी के दाम 35 फीसदी के करीब लेकर विदेशी करेंसी के कारोबारी नोटों को एक्सचेंज कर रहे हैं।
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इस कारोबार से जुड़े एक कारोबारी ने नाम न छापने की बात पर बताया कि इस चक्कर में कई वह लोग भी पिस गए हैं जो असलियत में विदेश घूमने के लिए जा रहे थे या फिर स्टडी के लिए। उनके लिए दिक्कत आ रही है, उनके पास नोट अभी पुराने ही हैं क्योंकि बैंकों ने अधिक पैसा रिलीज नहीं किया है, ऐसे में उनको भी डालर 100 रुपये के हिसाब से खरीदना पड़ रहा है।
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काले धन को सफेद करने के लिए जुगाड़ का सहारा
पंजाब में काले धन को सफेद करने के लिए लोगों ने धर्म का सहारा लिया है। अलग-अलग जिलों में कुछ मान्यता प्राप्त गुरुद्वारों व मंदिरों में ऐसे नोटों को देकर वहां से सौ-सौ रुपये के नोट हासिल किए जाते रहे। ऐसा लुधियाना, पटियाला, अमृतसर सहित अन्य जिलों में भी किए जाने की सूचना है।
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काले धन को सफेद करने के लिए जुगाड़ का सहारा
- फोटो : अमर उजाला
चूंकि धार्मिक स्थल में चढ़ावे के पैसे उतने ही रहे, सिर्फ नोट ही बदले इसलिए इस काम में कोई परेशानी नहीं हुई। प्रदेश में कई मंदिर व गुरुद्वारे ऐसे हैं जहां प्रतिदिन लाखों में चढ़ावा चढ़ता है। अमृतसर में ही दो प्रमुख धार्मिक स्थलों में श्रद्धालु करीब 45 लाख रुपये प्रतिदिन चढ़ाते हैं। ऐसी स्थिति में बहुत सारे सौ-सौ के नोट वहां पर चढ़ाए जाते हैं। इसका हिसाब भी नहीं रखा जाता कि कितने सौ-सौ रुपये के नोट चढ़ाए गए और कितने पांच सौ या हजार के।
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- फोटो : Getty Images
पता चलने पर कार्रवाई होगी : प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इन्कम टैक्स अमृतसर-1 के एसजे सिंह ने कहा कि यदि ऐसा किया गया है तो यह गलत है। इसके बारे में जानकारी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो लाख रुपये तक के नोट तो बैंकों में जमाकर उसके बदले दूसरे नोट हासिल किए जा सकते हैं।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रवक्ता व अतिरिक्त सचिव दिलजीत सिंह बेदी ने बताया कि एसजीपीसी के मुख्य सचिव ने गुरुद्वारा एक्ट 85 के तहत आते सभी मैनेजरों को हिदायत दी है कि आठ नवंबर तक गुरुद्वारा साहिब के खजाने व हाथ की बाकी रकम की डीटेल कैश बुक, खजाना रजिस्टर में बनाकर भेजी जाए। मौजूदा राशि में 500 व एक हजार रुपये के नोट तुरंत दस नवंबर शाम तक बैंकों में जमा करवाए दिए जाएं।