एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। अगर आपने सेविंग या सेलरी अकाउंट खुलवा रखा है तो जरूर देख लीजिए, बड़े काम की है खबर।
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एचडीएफसी एटीएम
- फोटो : अमर उजाला
भारत के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी ने आगामी एक मार्च से शाखाओं से फ्री टांजेक्शन की लिमिट को 5 से घटाकर 4 किए जाने, ब्रांच से कैश निकालने की सीमा और उस पर चार्ज का ऐलान किया। बैंक के इस कदम के पीछे की वजह डिजिटल ट्रांजेक्शन को बताया जा रहा है। सरकार नोटबंदी के बाद लोगों को नकद-रहित और डिजिटल लेन-देन के लिये प्रोत्साहित कर रही है। इस लिहाज से बैंक का यह कदम महत्वपूर्ण है।
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एचडीएफसी एटीएम
- फोटो : अमर उजाला
एचडीएफसी का यह नया आदेश एक मार्च 2017 से लागू हो जाएगा। इस नए आदेश के मुताबिक सेविंग्स और सैलरी अकाउंट होल्डर्स अब एक महीने में सिर्फ चार बार ही मुफ्त में बैंक में पैसा जमा कर सकेंगे या फिर निकाल सकेंगे। चार बैंकिंग ट्रांजेक्शन में जमा और निकासी दोनों की संख्या शामिल होगी। यानी की 5वीं बार पैसे जमा करने या निकालने पर 150 रुपए देने होंगे।
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एचडीएफसी बैंक
कैश ट्रांजेक्शन की कीमत के आधार पर बैंक ने शाखाओं (होम ब्रांच) में मुफ्त नकद लेन-देन की सीमा को दो लाख रुपये कर दिया है। दो लाख रुपए से ज्यादा की निकासी पर प्रति हजार 5 रुपए या कम से कम 150 रुपए चार्ज देना होगा। वहीं नॉन होम ब्रांच से एक दिन में 25 हजार रुपए तक की रकम निकाली जा सकती है। इससे ज्यादा पैसे निकालने पर प्रति हजार 5 रुपए या कम से कम 150 रुपए चार्ज देना होगा।
थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन के लिए भी बैंक ने 25,000 रुपए की राशि निर्धारित कर दी है। थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन के दौरान 25,000 रुपए निकालने पर 150 रुपए चार्ज के अलावा टैक्स और सेस देना होगा। वहीं थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन के दौरान 25,000 रुपए से ज्यादा निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं सीनियर सिटीजन, बच्चों और नाबालिगों के बैंक खातों से भी 25000 रुपए निकालने की राशि तय की गई है, पर इस पर चार्ज वसूल नहीं किया जाएगा।