NCERT की पहली से 12वीं कक्षा तक की किताबों में कई जगह अभद्र भाषा और अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया है। यकीं न हो तो यहां देखिए...
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NCERT
- फोटो : File Photo
इतना ही नहीं, आरक्षित श्रेणी के लिए भी जाति सूचक शब्द का प्रयोग किया गया। ऐसी कई गलतियों पर चंडीगढ़ जोन की कमेटी ने एक विस्तृत रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी है। हिंदी के अलावा इतिहास की किताबों में भी गलत जानकारी दी गई है।
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BOOKS
किताबों में कमेटी ने छांटी कुछ गलतियां...
- पहली कक्षा की हिंदी की किताब में एक कविता में लड़की को छोकरी कहकर संबोधित किया गया है। इस पर कमेटी ने टिप्पणी कि है कि पहली कक्षा के बच्चों को क्या सीखाया जा रहा है? यह शब्द स्कूलों में चलन में आएगा और बच्चे लड़कियों को छोकरी कहकर बुलाएंगे।
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किताबें
- फोटो : अमर उजाला
- ग्यारहवीं कक्षा की नैतिक शिक्षा किताब में गाली-गलौच और अशिष्ट शब्दों का प्रयोग करने पर आपत्ति जताई गई है। खानाबदोश नामक अध्याय में एक वाकिया है- साले भट्ठे की आग में झोंक दूंगा....एक अन्य पाठ में हरामजादे शब्द का इस्तेमाल है। इस पर कमेटी ने टिप्पणी कि है कि बच्चे गालियां सीख रहे हैं। नैतिक शिक्षा की किताब से क्या बच्चे सुसंस्कृत होंगे?
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NCERT
- 11वीं की नैतिक शिक्षा की किताब में ही पेज नंबर 40 पर आरक्षित जाति के लिए जाति सूचक शब्द लिखा गया है। इसके अलावा दो वाक्यों से छूआछूत झलक रही है। कमेटी ने अपनी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब संविधान में ऐसे शब्दों का प्रयोग बहिष्कृत किया गया है, तो किताबों में इन्हें क्यों प्रचारित किया जा रहा है।
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NCERT
- कमेटी ने कहा कि आठवीं कक्षा की किताब हमारे अतीत में 1857 में आजादी के लिए हुए पहले युद्ध को बगावत कहा गया है, जो तर्कसंगत नहीं है। जबकि इस युद्ध के सिपाही मंगल पांडे की फांसी की तारीख 29 मार्च 1857 बताई गई है, जबकि सही तारीख आठ अप्रैल 1857 है।
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NCERT
- 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान पुस्तक में बाबरी मस्जिद पर विवादित जानकारी दी गई है। कमेटी ने इसमें सुधार करने की बात कहते हुए कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राम मंदिर के अस्तित्व को माना है।
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किताबें
दरअसल, एनसीईआरटी की किताबों में कई तरह की गलतियां थीं। इसमें सुधार करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एनसीईआरटी को कहा गया था। इसके बाद देश भर में अलग-अलग जोन की कमेटियां बनाकर गलतियां पहचानने और उन्हें ठीक करने को कहा गया था। चंडीगढ़ जोेन की कमेटी ने गलतियां पहचान कर उन्हें ठीक करने के लिए अपनी विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी है।
एनसीईआरटी की किताबों में कई जगह अपमानित, अभद्र और गलत तथ्यों का जिक्र किया गया है। इनकी पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दी गई है।
- बीएस कंवर, संयोजक , चंडीगढ़ जोन, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास।