हौसले के तरकश में कोशिश का तीर जिंदा रख, हार जा चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की वो उम्मीद जिंदा रख। हरियाणा के अंबाला के गोवर्धन नगर में रहने वाली सोनिया रॉय के लिए ही शायद यह पंक्ति लिखी गई है। मंजिल दूर थी। पग-पग पर कांटे की सेज बिछी थी पर बेटी ने उम्मीद को मरने नहीं दिया। न केवल रिंग में उतरी बल्कि इस तरह पंच बरसाए कि फिर कोई उसके सामने न टिक सका। कुछ ऐसी ही कहानी है मुक्केबाज सोनिया रानी की।