एक आईएएस अफसर, जिसकी 33 साल की नौकरी हो चुकी है और वह 71 बार ट्रांसफर झेल चुके हैं। उन्होंने अब कासगंज विवाद पर एक पोस्ट लिखी है।
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प्रदीप कासनी की फेसबुक पोस्ट
हम बात कर रहे हैं, हरियाणा के आईएएस अफसर प्रदीप कासनी की। इन्होंने कासगंज हिंसा को लेकर बरेली के डीएम राघवेंद्र की पोस्ट को अपनी वॉल पर शेयर किया और एक पोस्ट लिख डाली। जबकि अपनी पोस्ट को डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह हटा चुके थे और माफी भी मांग चुके थे। कासनी ने न सिर्फ डीएम राघवेंद्र के पोस्ट को फिर से अपने वॉल पर डाला, बल्कि उनके कई पोस्ट अप्रत्यक्ष रूप से इस हिंसा के खिलाफ हैं।
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प्रदीप कासनी की फेसबुक पोस्ट
कासनी ने 30 जनवरी की सुबह उसी पोस्ट अपने वॉल से डालते हुए 'कासगंज कष्टकर प्रसंग' करार दिया। इससे पहले कासनी ने 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मोहम्मद अखलाक को लेकर 2 पोस्ट किया और इसे शीर्षक दिया 'गांधी जी के देश में'। इस दिन गांधी को लेकर कई पोस्ट किए गए। 29 जनवरी को एक पोस्ट के जरिए वह लिखते हैं कि झंडा फहराने के लिए होता है, न कि भरे-बाजार घसीटने के लिए. घुमाते तो लंगोट हैं, पहलवान।
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प्रदीप कासनी की फेसबुक पोस्ट
इससे पहले 28 जनवरी को एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि आपसे-आप कोई दंगा हुआ है आजतक?!! हमेशा भड़काया जाता है, वे भड़काते हैं जो इसके जरिये अपना फायदा देखते हैं, वे खामखाह कोई दंगा नहीं भड़काते! थोड़ी देर बाद उन्होंने एक और पोस्ट किया, दंगाई झूठ बोलते हैं और फंस जाते हैं। फिर 29 जनवरी की सुबह वह एक पोस्ट करते हैं कि तोड़ने की नहीं जोड़ने की जरुरत है. सब भाई हैं।
बता दें कि आईएएस प्रदीप कासनी की पढ़ाई हरियाणा के भिवानी और दिल्ली में हुई और वह तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं। अब तक उनका करीब 71 बार तबादला किया जा चुका है। कैप्टन राघवेंद्र की तरह कासनी भी जल्द रिटायर (28 फरवरी) होने वाले हैं। प्रदप कासनी की पत्नी नीलम प्रदीप कासनी भी एक आईएएस अफसर हैं और वह राज्यपाल के एडीसी पद से हाल ही में रिटायर हुई हैं।