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सरकार को देने पड़ेंगे इन 6 सवालों के जवाब, जिनकी वजह से गई 28 जानें!

Sun, 27 Aug 2017 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Ram Rahim Verdict
पंचकूला में राम रहीम के समर्थकों ने जो उत्पात मचाया वो पूरे देश ने देखा। अब सरकार को देने इन 6 सवालों के जवाब देने पड़ेंगे, जिनकी वजह से ऐसी हिंसा हुई।
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1- हाईकोर्ट की टिप्पणी के बावजूद डीजीपी डेरा समर्थकों को क्यों नहीं हटाई?
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2- आखिर उपद्रवी पेट्रोल और केमिकल लेकर कैसे पहुंच गए?

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3- धारा 144 के बावजूद हथियारों के साथ कैसे पहुंचे उपद्रवी?
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4- फैसला खिलाफ आने पर बवाल की धमकी देने के बावजूद सुरक्षा बलों को आर्डर मिलने में लंबा समय क्यों लगा?
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5- क्या प्रशासन और पुलिस में तालमेल की कमी थी? डीसी के चार्ज के आर्डर के बाद पंचकुला पुलिस पीछे क्यों भागने लगी?
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6- इमारतों में आगजनी करने के लिए उपद्रवियों के पास इतनी मात्रा में पेट्रोल व ज्वलनसील पदार्थ कहां से आए?

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सूबे की जनता हरियाणा सरकार से लचर कानून व्यवस्था का जवाब मांग रही है। रामपाल और जाट आरक्षण में अफसरों के आश्वासन के सहारे रहने वाली सरकार को एक बार फिर से उन्हीं अफसराें पर भरोसा करना पड़ा। हालांकि डीजीपी बीएस संधू अपनी फोर्स के साथ चाक चौबंद रहे, लेकिन उनके इंतजाम काम नहीं आए।

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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बावजूद पंचकूला निवासियों की सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी रहे। रामपाल प्रकरण और जाट आरक्षण आंदोलन में करोड़ो की संपत्ति का नुकसान झेलने के बाद एक बार फिर से प्रदेश की जनता को नुकसान और जानमाल का भयावह नजारा देखना पड़ा।
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मुख्यमंत्री मनेाहर लाल सुबह से ही अधिकारियाें की टीम के साथ पल-पल के घटनाक्रम पर नजर रख रहे थे, लेकिन दहशत के तीन घंटो में पंचकूला के लोगों को यह एहसास हो गया है कि वे अब यहां सुरक्षित नहीं हैं। पंचकूला के लोगों को नाराजगी इस बात की भी है कि हंसी-खुशी में रहने वाले पंचकूला के बाशिंदे पहली बार भयभीत थे। डर इस बात का था कि भीड़ कहीं घरों का रुख न कर ले।
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