इस लड़की के एक पत्र ने PMO को भी हरकत में ला दिया था। देखिए इसकी जिद्द ने कैसे गांव वालों की जिंदगी बदल दी।
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इस लड़की के एक लेटर से हिल गया था पूरा PMO!
दरअसल, हरियाणा के फतेहाबाद की 7वीं की छात्रा ने पीएम मोदी को एक पत्र लिखा था। उस पत्र में छात्रा हरप्रीत कौर ने अपने लिए कोई मांग नहीं की थी बल्कि उसकी मांग पूरे गांव के लिए थी। जिसको PMO इंकार नही कर पाया...
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हरियाणा में तीन गांव के नाम बदले
हरप्रीत कौर ने पत्र में लिखा कि, आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मेरे गांव का नाम ‘गंदा’ है। किसी को बताते हैं तो शर्म आती है। लोग हमारे गांव का नाम लेकर बेइज्जती करते हैं। प्लीज बदल दीजिए...। दरअसल हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया खंड के गांव ‘गंदा’ की छात्रा हरप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आठ जनवरी 2016 को पत्र लिखकर यह गुहार लगाई थी।
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हरियाणा में तीन गांव के नाम बदले
और आखिरकार आज हरियाणा सरकार ने गांव गंदा का नाम बदलकर अजीत नगर, हिसार के गांव किन्नर का नाम बदलकर गैबी नगर तथा जिला महेंद्रगढ़ के गांव चामघेडा का नाम बदलकर देवनगर रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस आशय के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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हरियाणा में तीन गांव के नाम बदले
पंचायत ने 1989 में की थी नाम बदलने की थी सिफारिश
गांव ‘गंदा’ की पंचायत ने चार मार्च 1989 को प्रस्ताव पास कर गांव का नाम बदलकर अजीत नगर रखने की सिफारिश की थी, लेकिन राजस्व विभाग एवं प्रशासन की अन्य औपचारिकताओं के पूरे न होने के चलते गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पर अमल नहीं हो सका था।
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हरियाणा में तीन गांव के नाम बदले
इसके बाद सरकारी और गैर सरकारी रिकॉर्ड में गांव का यही नाम चलता रहा, लेकिन हरप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को गांव के नाम बदलने एवं अन्य समस्याओं बारे लिख दिया। पीएमओ से मिले जवाबी पत्र के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को तत्काल बैठक बुलवाकर फिर से प्रस्ताव मांगे जानी की प्रक्रिया शुरू की।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
भारत सरकार, नई दिल्ली
सविनय निवेदन यह है कि हमारे गांव का नाम ‘गंदा’ है। हम जहां भी जाते हैं, लोग हमारी बेइज्जती करते हैं हमारे गांव का नाम लेकर। प्लीज इसे बदल दीजिए। समस्याएं कई और भी हैं। स्कूल की चारदीवारी नहीं है। स्कूल टाइम में आवारा पशु अंदर घुस जाते हैं और हमें पढ़ाई में दिक्कत होती है। छोटे बच्चे तो अपने घर चले जाते हैं। हमारे स्कूल और साथ लगते पशु अस्पताल में तकरीबन 100 पौधे लगे हुए हैं, लेकिन चारदीवारी न होने से उनकी सुरक्षा भी नहीं है। स्कूल और अस्पताल की जमीन पर अवैध कब्जा कर भेड़ों का बाड़ा बना दिया गया है। इन सभी समस्याओं से निजात दिलवाएं।