विमान को लापता हुए 31 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका कोई सुराग नहीं मिला है। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, दीपिका को परिजनों की चिंताएं बढ़ रही हैं। विमान लापता होने के एक दिन पहले तक दीपिका के घर सब कुछ ठीक था, लेकिन अब वहां टेंशन का माहौल बना हुआ है। परिजन बेटी के सही सलामत होने की दुआएं करते हुए बस सांस ले रहे हैं।
भिवानी के जनस्वास्थ्य विभाग में एक्सईएन के पद पर कार्यरत दिलीप सिंह श्योराण के परिवार में 14 दिसंबर 1989 को दीपिका का जन्म हुआ था। बचपन से ही आसमान की दुनिया में घूमने का सपना देखने वाली दीपिका साल 2012 में इंडियन एयरफोर्स में भर्ती हुई। दीपिका की एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है।
पिता दिलीप सिंह श्योराण बताते हैं कि नवंबर 2015 में उसकी शादी गांव घुसकानी के कुलदीप दलाल से हुई थी। एक महीना पहले ही दीपिका ट्रांसफर होकर नासिक से पोर्ट ब्लेयर गई थी। दीपिका के पति कुलदीप दलाल पोर्ट ब्लेयर में नेवल कमांडेंट हैं। दीपिका की ट्रांसफर के बाद दोनों पति-पत्नी छुट्टी मनाकर 16 जुलाई को ही लौटे थे।
दीपिका की मां प्रेमलता को जब से हादसे की खबर मिली है, उनका रो-रो कर बुरा हाल है। मां ने बताया कि गुरुवार को ही दीपिका से उनकी फोन पर बात हुई थी। वह पोर्ट ब्लेयर ट्रांसफर हो जाने से बहुत खुद थी। उसने कहा कि वह पोर्ट ब्लेयर पहुंच कर बात करेगी, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। रो-रो कर दीपिका की मां बस बेटी के ठीक होने की दुआ करती रही।