पहले कपिल मिश्रा और अब गुरप्रीत घुग्गी ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्हें सुनकर राजनीति के गलियारों में और उथल पुथल मच जाएगी।
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गुरप्रीत घुग्गी
गुरप्रीत घुग्गी ने बुधवार को प्रेस काफ्रेंस करके आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ दिया, वहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। घुग्गी ने कहा कि केजरीवाल पंजाब चुनाव के बाद पंजाब क्यों नहीं आए। घुग्गी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में बाहर के बंदे बिठा दिए, पंजाब के लोगों को दूर रखा गया। जिनका खामियाजा पार्टी भुगत रही है।
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कॉमेडियम गुरप्रीत घुग्गी
घुग्गी ने कहा कि मुझे जबरदस्ती कन्वीनर बनाया गया। मैंने कहा था कि धर्मवीर गांधी को मना लीजिए। पंजाब में उनकी अच्छी पकड़ है। मैं प्रधान नहीं बनना चाहता, पार्टी का प्रचार करना चाहता हूं। धर्मवीर गांधी को मेरी जगह प्रधान बना दीजिए, लेकिन केजरीवाल नहीं माने। वे अपनी मर्जी करते हैं, फिर कहते हैं कि वे सभी को साथ लेकर चलते हैं।
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गुरप्रीत सिंह घुग्गी
- फोटो : फाइल फोटो
घुग्गी ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र नाम की चीज नहीं है। जिसको मन होता है, प्रधान बना दिया जाता है। सभी जानते हैं कि भगवंत मान शराबी है, उनके वीडियो वायरल हैं। वे क्या पार्टी चलाएंगे, लेकिन केजरीवाल भगवंत मान को ये पद देने के लिए शर्त रख रहे हैं। केजरीवाल ने मान से कहा कि उन्हें शराब छोड़नी होगी, अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनसे पद वापस ले लिया जाएगा, आखिर क्यों।
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Gurpreet guggi
- फोटो : अमर उजाला
घुग्गी ने कहा कि मैं विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान स्टार प्रचारक के तौर पर काम करना चाहता था, लेकिन फिर भी मुझे कन्वीनर बना दिया गया। जिसकी वजह से मैं पार्टी के प्रचार की बजाय अन्य कामों में काफी व्यस्त हो गया था। मैं संजय सिंह और अन्य दिल्ली के नेताओं से गुजारिश करता रहा कि सुच्चा सिंह छोटेपुर को हमें मना लेना चाहिए, पर केजरीवाल जी ने ऐसा नहीं किया।
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नेता गुरप्रीत घुग्गी
- फोटो : फाइल फोटो
घुग्गी बोले कि मैं विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान लगातार ये आवाज उठाता रहा कि आपके दिल्ली से आये ऑब्जर्वर गलत काम कर रहे हैं। मैंने 55 ऐसे लोगों को वापिस भेज भी दिया था, उसके बावजूद इंटरफेयर बंद न हुआ। मैं कहता रहा कि पंजाब के नेता खुद ही चुनाव का सारा काम संभाल सकते हैं, लेकिन केजरीवाल ने नहीं सुनी। मेरा ये आवाज उठाना ही मुझे पद से हटाने की बड़ी वजह बनी।
गुरप्रीत घुग्गी ने आरोप लगाया कि पंजाब चुनाव के दौरान महिलाओं के शोषण की कई शिकायतें मिली थी। मैं इसको लेकर किसी का नाम नहीं लेना चाहूंगा, लेकिन मैंने इसके बारे में पार्टी आलाकमान को बताया था। उसके बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया गया। पूरे चुनाव के दौरान पंजाब के नेताओं को नजरअंदाज किया गया, जिसका नतीजा सभी के सामने है।