डॉ. बीएस चवन।
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मूलरूप से अंबाला के रहने वाले डॉ. चवन के पिता की मौत एक साल पहले 108 साल की उम्र में हुई थी। उसी दिन डॉ. चवन के पेट में दर्द हुआ। अगले दिन जांच कराई तो पता चला कि अपेंडिक्स कैंसर है। उसके बाद पीजीआई में इलाज चला। उनकी मां की उम्र 102 साल है और वे अभी जीवित हैं। डॉ. चवन की पत्नी सेक्टर-26 पुलिस हॉस्पिटल की मेडिकल ऑफिसर हैं, जबकि उनका छोटा बेटा डॉक्टर है। डॉ. चवन के कार्यों की ख्याति सिर्फ चंडीगढ़ में नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में थी। साल 2003 में उम्मीद व प्रार्थना प्रोजेक्ट, जिसके तहत बौद्धिक अक्षमता वाले बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया था, उसके लिए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया।