शमशान घाट में उस समय चीख पुकार मच गई, जब एक साथ एक ही गली के तीन मासूम बच्चों की चिताएं जलीं। जानिए आखिर क्या हुआ था और कैसे?
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रैली में धमाकों में मारे गए बच्चों का अंतिम संस्कार
दरअसल, पंजाब के मौड़ मंडी में कांग्रेसी उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी की चुनावी सभा में हुए ब्लास्ट में चार बच्चे मारे गए थे। उनमें से तीन का एक साथ संस्कार किया तो हर आंख फूट फूटकर रोई। हजारों की संख्या में लोग बच्चों को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़े। मृतक बच्चों जससिमरन सिंह और सौरव सिंगला का संस्कार मौड़ मंडी में ही किया गया, जबकि तीसरे मृतक 10 साल के बच्चे रिपनजीत सिंह का संस्कार पैतृक गांव संदोहा में किया गया।
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रैली में धमाकों में मारे गए बच्चों का अंतिम संस्कार
तीनों बच्चे एक ही गली में रहते थे और साथ-साथ खेलते भी थे। किसी ने ये नहीं सोचा था कि एक साथ तीनों की चिताएं जलेंगी। रिपनजीत सिंह अपने चाचा, विधवा दादी मां के साथ कुछ महीनों से मौड़ में आकर रह रहा था। उसके पिता खुशदीप सिंह काला आर्मी में था और 2004 में शहीद हो गए थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल बच्चे 13 साल के अंकुश, 15 साल के फली नाथ भी इसी गली में रहते हैं।
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बठिंडा ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
गत मंगलवार की रात को बठिंडा के मौड़ मंडी में गुरमीत राम रहीम के समधी कांग्रेस प्रत्याशी हरमंदर जस्सी की चुनावी जनसभा में हुए ब्लास्ट ने छह लोगों की जान ले ली थी। मरने वालों में चार बच्चे थे, जो एक ही गली में रहते थे। एक बच्ची उसी दिन दम तोड़ गई थी, जबकि जपसिमरण सिंह, रिपनदीप सिंह और सौरभ कुमार ने बुधवार को दम तोड़ दिया था।
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राम रहीम सिंह इन्सां के समधी की चुनावी सभा में धमाका
मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने इसे आतंकी हमला माना है। पुलिस को इसके प्रमाण भी मिल चुके हैं। डीजीपी अरोड़ा ने बताया कि दो बम थे। एक को रिमोट से कंट्रोल किया गया। दूसरा पूरी तरह ब्लास्ट नहीं हुआ। मौके से मिले कुकर से छर्रेनुमा सामान मिला। अगर ये फट जाता तो आसपास मौजूद काफी लोग इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ा नुकसान हो सकता था।
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राम रहीम सिंह इन्सां के समधी की चुनावी सभा में धमाका
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने खुलासा किया कि आरडीएक्स और आईईईडी की मदद से हमला किया गया। बम काफी ट्रेंड लोगों द्वारा तैयार किए गए। ऐसे बम का इस्तेमाल आतंकी हमले में ही होता है, क्योंकि इससे काफी नुकसान होता है। घटनास्थल पर मिले कुकर बम में बैरिंग, नट-बोल्ट और तीखी चीजों का इस्तेमाल किया गया था। इन चीजों को छर्रों के तौर पर यूज किया गया। डेटोनेटर के तौर पर बाइक की बैटरी इस्तेमाल की गई थी।
राम रहीम सिंह इन्सां के समधी की चुनावी सभा में धमाका
1991 के बाद पहली घटना: ये जनसभा डेरा सच्चा सौदा के प्रेमी हेमराज की आरके इंटरप्राइजज शॉप के बाहर हो रही थी। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि आतंकी हमले से इनकार नहीं किया जा सकता। बुधवार को फॉरेंसिक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा कि ब्लास्ट कैसे किया गया? 1991 के बाद विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी सभा में हमले की ये पहली घटना है। उस समय के बाद जितने भी चुनाव हुए, इस तरह के हमले नहीं हुए।