पत्नी दीया बोली- मेरे रंजीत को ताबूत से निकालो उसका दम घुट रहा है
तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। मां रीना देवी, पिता हरबंस सिंह, पत्नी दीया व बहन जीवन ज्योति की करुणामयी चीत्कारें कलेजा छलनी कर रहीं थी। पत्नी दीया ने शहीद पति के ताबूत को देखा तो उसके सब्र का बांध टूट गया। रोते हुए पत्नी के मुख से यही शब्द निकले कि ' मेरे रंजीत को ताबूत से बाहर निकालो, उसका दम घुट रहा है। मेरी परी को अपने पापा को देखना है, देख परी पापा आ गए हैं। इतनी बातें कहते ही वह बेसुध हो गई।'