शहीद जवान के अंतिम यात्रा की ये तस्वीरें साबित करती हैं कि देशभक्ति के आगे कुछ भी नहीं है, देखिए
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए 19 पंजाब रेजीमेंट के जवान जगसीर सिंह का उनके पैतृक गांव लोहगढ़ ठाकरा में मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
घनी धुंध व कड़ाके की सर्दी के बावजूद शहीद की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। इतनी ज्यादा संख्या में लोग शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे कि गांव से आठ सौ मीटर दूर श्मशान घाट तक लोगों की कतार टूटी ही नहीं।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
श्मशान घाट में पाकिस्तान मुर्दाबाद के लग रहे नारों के बीच पिता अमरजीत सिंह ने शहीद को मुखाग्नि दी। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में इलाके लोग पहुंचे। घनी धुंध व कड़ाके की सर्दी के बावजूद शहीद की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
इतनी ज्यादा संख्या में लोग शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे कि गांव से आठ सौ मीटर दूर श्मशान घाट तक लोगों की कतार टूटी ही नहीं। मुखाग्नि से पहले पहले सेना, पुलिस, जिला प्रशासन, राजनीतिक दल के नेताओं, परिजनों व रिश्तेदारों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। सेना कि टुकड़ी ने शहीद के सम्मान में सलामी दी। शहीद जगसीर के परिवार में पत्नी महिंदरपाल कौर, बेटियां नगमजीत कौर, गुरनीत कौर और बेटा जगदीश सिंह, मां गुरमीत कौर, पिता अमरजीत सिंह, बहन पवनदीप कौर व भाई जसबीर सिंह है।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
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पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग
शहीद की शव यात्रा व अंतिम संस्कार के समय उपस्थित जन समूह ने पाकिस्तान के विरोध में नारेबाजी की। भारत सरकार से पाकिस्तान की नापाक हरकतों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की भी मांग की गई। लोगों में परिवार के प्रति गहरी संवेदना थी। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान सांसद शेर सिंह घुबाया व जिले के चारों कांग्रेसी विधायकों में से किसी के भी नहीं पहुंचने में लोगों में आक्रोश भी दिखाई दिया।
शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
सूबा सरकार ने नहीं की मुआवजा देने की घोषणा
अभी तक पंजाब सरकार की ओर से शहीद के परिजनों को किसी भी प्रकार का कोई मुआवजा देने की घोषणा नहीं की गई है। सिर्फ डीसी रामवीर ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है।