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छोटे से कमरे में दफन हो गईं चार जिंदगियां, एक गलती ने उजाड़े कई परिवार, पढ़ें दर्दनाक कहानी

Thu, 02 Jan 2020 12:20 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
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चारों मृतकों की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
कड़ाके की ठंड में जिसे जिंदगी का सहारा समझा वो एक गलती से मौत बन गई। चार मौतों से कई परिवारों में मातम पसर गया है। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। इन सभी लोगों की मौत दम घुटने से हुई। दरअसल, ठंड से बचने के लिए इन लोगों ने कमरे में अंगीठी जलाई और इसी का धुआं काल बन गया। आइए पढ़ें पूरा घटनाक्रम...
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मृतक धरमपाल की फाइल फोटो।
मामला पंजाब के मोहाली के सेक्टर-69 का है। यहां व्यापारी के घर न्यू ईयर की पार्टी में कैटरिंग करने आए चार लोगों की अंगीठी की गैस से दम घुटने से मौत हो गई थी। इस दौरान मारे गए मृतक धर्मपाल की सास गिरिजा और साली जगरानी ने बताया कि जैसे ही धर्मपाल की मौत की खबर आई। उन पर मुसीबत का पहाड़ गिर गया। जगरानी ने बताया कि वह चार बहनें हैं। उनका कोई भाई नहीं है। धर्मपाल को उन्होंने घरजमाई बनाया था। उसी पर पर पूरा परिवार निर्भर था लेकिन अब उनका सारा कुछ बिखर गया है।
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मृतक द्वारिका की फाइल फोट
धर्मपाल की पत्नी गर्भवती है। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा है कि आखिर अब आने वाले समय में उनके साथ क्या होगा। उन्होंने यह भी बताया कि धर्मपाल, अमित और रजनीश सारे रिश्तेदारी में थे। रजनीश के छोटे भाई सरोज ने बताया कि वह 17 साल का था। कैंबाला के स्कूल में 8वीं में पढाई कर रहा था। धर्मपाल रिश्ते में उनका जीजा लगता था। उन्हें चार पैसे बन जाएंगे। ऐसे में वह उनके साथ काम के लिए चला आया था। उन्होंने बताया कि किसी ने सोचा नहीं था कि जो अंगीठी उनकी रोजी-रोटी का साधन है, वह ही उनके लिए मौत का कारण बन जाएगा। रजनीश की माता की पहले ही मौत हो चुकी है।

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मृतक रजनीश की फाइल फोटो।
दो माह पहले हुई थी द्वारिका की मां की मौत
हादसे में मारा गया द्वारिका मूलरूप से मौली जागरां का रहने वाला था। वह ही अपने तीन दोस्तों को साथ लेकर काम पर आया था। उसकी पत्नी ने मीडिया को बताया कि उसके तीन बच्चे हैं। समझ ही नहीं आ रहा है कि अब भविष्य में उनका क्या होगा। दो महीने पहले ही उनकी सास की मौत हो गई थी। इसके बाद वह गांव गया था और कुछ दिन पहले ही वह लौटा था।
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कमरे में रखी अंगीठी।
फोन कर कहा था कि आधे घंटे तक पहुंच जाएंगे
धर्मपाल की एक साली जगरानी ने फोन दिखाते हुए कहा कि जीजा का रात साढ़े 11 बजे फोन आया था। उन्होंने कहा था कि आधे घंटे में आ जाएंगे लेकिन इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद सुबह उन्हें उनकी मौत की खबर मिली है।
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