फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिल्डर ने पत्नी, बेटा-बहू और पोते को काट डाला, रुला देगी मासूम की आखिरी फोन कॉल

Wed, 25 Nov 2020 06:20 PM IST
ajay kumar विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विज्ञापन
1 of 5
चारों मृतकों की फोटो। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के लुधियाना स्थित मयूर विहार इलाके में एक घर में चार लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई। हालांकि कुछ ही देर में पूरे मामले का खुलासा भी हो गया। एक बिल्डर ने अपनी पत्नी, बेटे, बहू और 13 वर्ष के पोते को कुल्हाड़ी से काट मौत के घाट उतारा। मौत से कुछ समय पहले बच्चे ने मामा को फोन कर इस खौफनाक वारदात के बारे में बताया। मामा से हुई बच्चे की आखिरी फोन कॉल आपको को भी रुला देगी।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
आरोपी की तस्वीर दिखाता पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
चौहरे हत्याकांड में मारे गए 13 वर्ष के सुचेत और उर्फ बबला में मां की मौत का मंजर देखा था। जब राजीव सुंडा अपनी बहू गरिमा पर वार कर रहा था, तब बबला ने मामा गौरव को फोन कर इसकी जानकारी दी। इससे माना जा रहा है कि बबला ने अपनी मां की हत्या होते हुए देखी।
विज्ञापन

3 of 5
भागते वक्त हादसे के बाद आरोपी की कार में लगी आग। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल का भी यहीं कहना है कि जब गरिमा पर वार हो रहे थे तो बबला ने अपने मामा गौरव को फोन कर बताया था कि दादा और पापा उसकी मां को मार रहे है। इसके बाद गौरव अपने पिता अशोक के साथ वहां पहुंचा था। उनके पहुंचने से पहले ही राजीव परिवार के सभी सदस्यों को मौत के घाट उतार चुका था। 

4 of 5
मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि जैसे बच्चे ने अपने मामा को फोन किया है, उससे यहीं प्रतीत होता है कि बच्चे ने मां की मौत का पूरा मंजर देखा है। अब पुलिस राजीव की भी तलाश करने में जुटी है। उसके पकड़े जाने के बाद ही खुलासा होगा कि किसे सबसे पहले और किसे सबसे बाद में मारा गया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
घर में जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
पड़ोस के लोग बताते हैं कि राजीव सुंडा का परिवार खुद तो घर से बाहर नहीं निकलता था और बच्चे को भी घर से बाहर नहीं निकलने देते थे। आसपास के बच्चों को भी बबला के बारे में कुछ पता नहीं था। बबला कौन से स्कूल पढ़ता है, किसी को कुछ नहीं मालूम था। बबला को परिवार वाले खुद स्कूल छोड़ने जाते और खुद ही लेने जाते थे। लॉकडाउन में एक दिन ही बबला इलाके के लोगों को नजर आया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें