सूखे पेड़
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कब एनजीटी और हाईकोर्ट लेगा संज्ञान
रॉक गार्डन के पीछे पेड़ों की स्थिति ऐसी हो गई है कि दिन के समय में देखने पर यह अजीब लगते हैं। पेड़ों पर कोई पत्ते नहीं बचे हैं, सिर्फ टहनियां रह गई हैं। पंजाब का सीवर सिर्फ जंगल में ही नहीं आ रहा है, बल्कि कैंबवाला से आ रही एक सीवरेज की लाइन, जो सेक्टर-7 के पंप तक जाती है। उसमें भी नर्सरी के पास कांसल के कुछ इलाकों का गंदा पानी गिराया जाता है। अधिकारियों की अनदेखी इस समस्या को और बढ़ा रही है।
यह भी सवाल उठता है कि कब एनजीटी और पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट इस मामले पर संज्ञान लेंगे, क्योंकि हाईकोर्ट के नाक के नीचे सैकड़ों पेड़ों की हत्या हो चुकी है। जंगल तेजी से खत्म होता जा रहा है। यदि इसे अनदेखा किया गया, तो यह न केवल पर्यावरणीय हानि का कारण बनेगा, बल्कि चंडीगढ़ के पारिस्थितिक संतुलन को भी खतरे में डाल देगा।
पंजाब की तरफ से आ रहे सीवरेज के पानी के मुद्दे पर विभाग की तरफ से कई बार पत्र लिखा गया है। पंजाब की तरफ से जवाब नहीं आया है लेकिन अब उनके द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। उम्मीद है कि उससे यह समस्या खत्म हो जाएगी। - टीसी नौटयाल, मुख्य वन संरक्षक, चंडीगढ़