भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में विदेशियों का सैलाब
उमड़ा। हरे-रामा, हरे कृष्णा के जयकारे जमकर लगे। अटूट आस्था और श्रद्धा
देखने को मिली। देखिए तस्वीरें।
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र की इस्कान संस्था ने शहर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली। रथयात्रा में शहरवासियों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ का रथ खींचा।
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शहर में पिछले दो दशकों से जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जा रही है। ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित श्रीव्यास गौड़िया मठ से रथयात्रा को सांसद राजकुमार सैनी, रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा और इस्कॉन संत साक्षी गोपाल दास ने रवाना किया।
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सांसद राजकुमार सैनी और रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा ने भगवान जगन्नाथ के भक्तों के साथ रथयात्रा के आगे झाडू लगाई और इसके बाद रस्सों की मदद से खींचते हुए रथ को नगर के मुख्यमार्गों से भ्रमण कराया।
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भगवान जगन्नाथ की इस यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर इस्कान संत श्रीगोपाल कृष्ण गोस्वामी के अलावा अन्य कई संत महात्मा भी मौजूद रहे।
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शहर में निकाली गई इस विशाल एवं भव्य भगवान जगन्नाथ रथयात्रा पर विमान से पुष्पवर्षा की गई। ऐसा पहली बार हुआ है कि कुरुक्षेत्र में निकलने वाली किसी भी शोभायात्रा में हेलीकॉप्टर से फूलों से वर्षा हुई।
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भगवान जगन्नाथ रथयात्रा दोपहर तीन बजे ब्रह्मसरोवर के चैतन्य गौडीय मठ से आरंभ होकर बिरला मंदिर चौक, मीरीपीरी चौक, रेलवे रोड, गोल बैंक से श्रद्धानंद चौक की ओर, रेलवे ओवरब्रिज, अग्रसेन चौक से होते हुए सेक्टर-13 के कम्यूनिटी सेंटर में रात्रि 8 बजे विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुई।
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इस मौके पर इस्कान जीबीसी एवं बीबीटी ट्रस्टी श्रीगोपाल कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि कि पांच हजार वर्ष पहले इस यात्रा का शुभारंभ धर्मनगरी से ही शुरु हुआ था। उन्होंने बताया कि कंस वध के बाद भगवान श्रीकृष्ण को पहली बार गोपियां सूर्यग्रहण स्नान के समय ब्रह्मसरोवर पर मिली थी और उस समय उन्हें यहीं से रथ में बैठकर वे अपने साथ ले गई थीं।