जालंधर में हर साल होती है ये अग्निपरीक्षा। बच्चों को गोद में उठाकर भागते हैं मां-बाप। इस बार ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, सभी सहम गए। देखिए, तस्वीरें।
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गोद में लिए हुए अपने बेटे समते अंगारों पर गिर पड़े
हर साल लगने वाले मां मरिअम्मा मेले के समापन के दौरान अग्निपरीक्षा नामक परंपरा के तहत दहकते कोयलों पर चल रहे पिता का पैर अचानक फिसल गया जिसके बाद वह गोद में लिए हुए अपने बेटे समते अंगारों पर गिर पड़े और बुरी तरह झुलस गए। बाद में एक फोटोग्राफर ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया।
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जालंधर में हर साल होती है ये अग्निपरीक्षा।
'पिता 20 फीसदी और बेटा 20 से 25 फीसदी झुलसे': मां मरिअम्मा मेले के दौरान लोग अपने बच्चे को गोद में उठा कर अंगारों पर चल कर अग्निपरीक्षा दे रहे थे। इसी दौरान राजा नामक व्यक्ति अपने छह वर्षीय बेटे कार्तिक को गोद में लेकर अंगारों पर चल रहा था और अचानक उनका पैर फिसल गया।
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कार्तिक 20-25 फीसदी तक झुलस गया है
पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया ने बताया, ‘सूचना मिलने पर मैं अस्पताल गया। दस हजार रुपये की नकद सहायता दी। इसके अलावा दोनों को पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) भिजवा दिया। राजा 20 फीसदी जबकि कार्तिक 20-25 फीसदी तक झुलस गया है। मैंने उसके इलाज के लिए मुख्यमंत्री से भी बात की और उन्होंने जिलाधिकारी को तत्काल इस बारे में कहा।’ घटना पर टिप्पणी के लिए जिलाधिकारी उपलब्ध नहीं हुए।
20 फुट लंबा अग्निकुंड है यह...: गौरतलब है कि हर साल इस मेले का आयोजन काजी मंडी इलाके में रहने वाले लोग करते हैं। वे पुरानी मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार बच्चों को गोद में लेकर अंगारों से भरे 20 फुट लंबे अग्निकुंड को पार करते हैं और उनके अनुसार ऐसा करना शुभ माना जाता है।