जालंधर में अग्निपरीक्षा देते समय पिता का पैर फिसला और वह बेटे समेत दहकते अंगारों पर जा गिरा। आखिर क्यो देते हैं ये अग्निपरीक्षा? देखिए, ये रिपोर्ट।
विज्ञापन
2 of 6
कनिमा ने बेटी के साथ भागते हुए अग्नि परीक्षा पूरी कर ली थी
ये अग्निपरीक्षा मद्रासी समाज की आस्था से जुड़ी है। काजी मंडी के मद्रासी मोहल्ले में मां मरियम्मा के मेले के दौरान देवी मां को प्रसन्न करने के लिए लोग अंगारों पर उतरते हैं। इसे शुभ माना जाता है। यह सब देवी मां को प्रसन्न और मनोकामना पूरी करने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन
3 of 6
ये अग्निपरीक्षा मद्रासी समाज की आस्था से जुड़ी है।
मदासी मोहल्ले में स्थापित श्री मरियम्मा मंदिर में हर साल होने वाले मेले में अग्नि परीक्षा होती है। 20-22 फुट लंबी और करीब चार फुट चौड़ी पट्टी में कोयलों को जलाया जाता है। इन जलते हुए अंगारों पर नंगे पैर चलकर श्रद्धालु अग्नि परीक्षा देते हैं। दंपति बच्चे की कामना के लिए भी अग्नि परीक्षा देते हैं।
4 of 6
मदरासी मोहल्ले में स्थापित श्री मरियम्मा मंदिर में तीन पुजारी हैं।
मदरासी मोहल्ले में स्थापित श्री मरियम्मा मंदिर में तीन पुजारी हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी कनाडी ने कहा कि मेले से पहले तीन दिनों का उपवास होता है। इस बार 9 जून से उपवास शुरू हो गया था। रविवार शाम करीब 7:30 बजे अग्नि परीक्षा हुई। इस बार 700 से ज्यादा लोग नंगे पैर जलते हुए अंगारों पर उतरे।
विज्ञापन
5 of 6
पिता का पैर फिसला और वह बेटे समेत दहकते अंगारों पर जा गिरा
रविवार को मां मरियम्मा के मेले में राजा अपने बेटे कार्तिक और राजा की पत्नी कनिमा बेटी अर्चना को गोद में लेकर अग्नि परीक्षा देने को अंगारों पर उतरे थे। कनिमा ने बेटी के साथ भागते हुए अग्नि परीक्षा पूरी कर ली थी, मगर उसके पति राजा का पैर फिसलने से वह और उसका बेटा कार्तिक अंगारों पर गिर गए थे।
कनिमा ने कहा कि अग्नि परीक्षा के दौरान मोहल्ले के काफी लोग आसपास होते हैं। जिस समय उसके पति और बेटा गिरे थे, लोगों ने उनको उठाने में देरी कर दी। इसी वजह से दोनों काफी जल गए। बच्चों के अच्छे भविष्य और स्वास्थ्य की कामना को लेकर उसने और उसके पति ने अग्नि परीक्षा दी।