कृषि कानूनों के विरोध में कड़ाके की सर्दी में पंजाब के किसान दिल्ली में डटे हैं। किसानों की सेहत की चिंता में घरों में महिलाएं परेशान हैं। अब इन महिलाओं ने अपने तरीके से इस आंदोलन में सहयोग देने और परिजनों की सेहत की चिंता को दूर करने का तरीका ढूंढ निकाला है।
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होशियारपुर में आंदोलनकारी किसानों के लिए बन रहीं पिन्नियां।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों के जो परिजन दिल्ली नहीं जा पा रहे, वे भी संघर्ष में योगदान देने और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। पंजाब के होशियारपुर के मुकेरियां के कई गांवों में महिलाएं आंदोलनकारी किसानों को ठंड से बचाने के लिए देसी घी की पिन्नियां तैयार कर रही हैं। पिन्नियों के साथ नमकीन मट्ठी भी बनाई जा रही हैं। पिन्नी और मट्ठी दिल्ली रवाना होने वाले किसानों के जत्थों के साथ भेजी जाएंगी।
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होशियारपुर में आंदोलनकारी किसानों के लिए बन रहीं पिन्नियां।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरसा मानसर टोल प्लाजा पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले युवा नेता धरमिंदर सिंह ने बताया कि हयातपुर गांव की महिलाओं ने 60-70 किलो पिन्नी के अलावा नमकीन मट्ठी भी तैयार की हैं। मुकेरियां तहसील के गांव गुरदासपुर और लतीफपुर में यह अभियान चलाया जा चुका है। अब गांव मौजपुर, कोटली, खुंडा कुल्लियां, लाडपुर और कई अन्य गांवों में भी महिलाएं अभियान में जुटी हैं। पिन्नी बनाने का अभियान हाल ही में फगवाड़ा के निकट गांव जगतपुर जट्टन में चलाया गया। वहां पिन्नी बनाने का काम गांव के एनआरआई जसवीर कलर और जसविंदर सिंह के योगदान से किया गया था।
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पिन्नियों के लिए ड्राय फ्रूट काटतीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिन्नी अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने वाली मुकेरियां उपमंडल के गांव गुरदासपुर की 21 वर्षीय छात्रा कोमल प्रीत कौर का कहना है कि हमारे बुजुर्ग ठंड में सड़कों पर हमारे लिए संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए हमने सोचा कि कुछ किया जाना चाहिए ताकि उन्हें सर्दी को हराने में मदद की जा सके।
पिन्नियां बनाने के काम में हर उम्र की महिला अपना सहयोग दे रही है।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव लतीफपुर की गृहिणी रूपिंदर कौर ने बताया कि महिलाएं गांव में गुरुद्वारा या उनके ससुर के बड़े भाई बावा सिंह के घर पर से इकट्ठा होती हैं और पिन्नी बनाने के काम में स्वेच्छा से हिस्सा लेती हैं। हम प्रदर्शनकारियों के लिए खोया, बेसन, ड्राई फ्रूट की पिन्नी बना रहे हैं। पिन्नी और मट्ठी बनाने की यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी, जब तक संघर्ष चलेगा। आवश्यकतानुसार इसमें और भी चीजें जुड़ती जाएंगी।