5 और 10 रुपये के सिक्के मुसीबत बन गए हैं, कभी भी आपको जेल करवा सकते हैं। अगर अपने भूलकर भी ये जानकारी इग्नोर कर दी तो पछतान पड़ सकता है। पढ़ने के लिए क्लिक करें...
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Rs 10 Coins
- फोटो : PTI
हरियाणा के हिसार में सिक्कों की वजह से तीन लोगों को 10-10 साल की सजा हो गई, क्योंकि वे नकली सिक्के बनाकर बाजार में सप्लाई करते थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की कोर्ट ने तीनों दोषी दिल्ली के उत्तम नगर निवासी स्वीकारा, हिसार के न्यू मॉडल टाउन निवासी रविंद्र व अर्बन इस्टेट निवासी सचिन को दस-दस साल की सजा सुनाई है। दोषियों को 60-60 हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना नही भरने पर सवा साल की अतिरिक्त सजा सुनाई है।
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10rs Coins
सदर थाना की टीम 27 जनवरी 2016 को तोशाम रोड पर गश्ती के दौरान कार से लाखों के सिक्के मिले थे। टक्साल में जांच कराने पर पता चला कि सभी सिक्के नकली हैं। पुलिस ने आरोपियों रविंद्र और सचिन को गिरफ्तार करके सिक्कों को कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली निवासी स्वीकारा से ये सिक्के लेकर आए हैं। पुलिस को सचिन के घर से नकली सिक्के बनाने का सामान बरामद हुआ था। पुलिस ने इस बारे में दिल्ली से स्वीकारा को गिरफ्तार करके आरोपियों के खिलाफ धारा 232, 240, 243, 420 के तहत केस दर्ज किया था। कोर्ट ने करीब ढाई साल चले इस अभियोग के बाद आरोपियों को इस मामले में सजा सुनाई।
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10 रुपये का सिक्का
दिल्ली में अक्तूबर 2016 और जुलाई 2017 में पांच और 10 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद से हरियाणा में 10 रुपये के सिक्के तकरीबन चलन से बाहर हो गए हैं। करीब डेढ़ साल से दस रुपये के सिक्के को खोटा मानकर ऑटो चालक हो या रेहड़ी वाला अथवा कारोबारी इसे लेने को तैयार नहीं होता है। जबकि देश भर में यह सिक्का चल रहा है। हालांकि, कानूनी तौर पर कोई दस रुपये का सिक्का लेने से मना नहीं कर सकता है। कई बैंकों के अधिकारियों ने कहा कि कोई भी बैंक 10 रुपये का सिक्का लेने से मना नहीं कर सकता है।
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10 rupee coin
कई जिलों के डीसी और एसपी तो यह भी कहते हैं कि सिक्का लेने से मना करना जुर्म है। आरबीआई के निर्देशानुसार, 10 रुपये का सिक्का भारतीय मुद्रा है। इसको लेने से इनकार करने पर राजद्रोह का मामला बनता है और जो ऐसा करता है उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है क्योंकि मुद्रा पर भारत सरकार वचन देती है। इसको लेने से इनकार करना राजद्रोह है। शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सिक्का लेने से इंकार करने वाले लोगों को जेल तक हो सकती है।
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coin
क्योंकि रिजर्व बैंक ने दस रुपये का सिक्का चलन से बाहर नहीं किया है। ऐसे में असली सिक्का लेने से मना करना कानूनन गलत है और भारतीय मुद्रा का अपमान है। सिक्कों को लेने से मना करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए से 489इ के तहत अपराध है। इन धाराओं के तहत किसी विधिक न्यायालय द्वारा आर्थिक दंड, कारावास अथवा दोनों की सजा दी जा सकती है। 17 साल की सजा या 20000 रुपये का जुर्माना या फिर दोनों सजा दी जा सकती है। बता दें कि आरबीआई ने 10 का नया सिक्का 26 मार्च 2009 को जारी किया गया था, जो कि मान्य है।
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10 रुपये का सिक्का
- फोटो : BBC
इसके अलावा शेरावाली की फोटो वाला सिक्का, संसद की तस्वीर वाला सिक्का, बीच में संख्या में ‘10’ लिखा हुआ सिक्का, होमी भाभा की तस्वीर वाला सिक्का, महात्मा गांधी की तस्वीर वाला सिक्का सहित अन्य सभी सिक्के भी मान्य हैं। इन सिक्कों को विभिन्न विशेष मौकों पर जारी किया गया है। रोहतक में बैंकों के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मुकेश कुमार जैन साफ कहते हैं कि कोई भी राष्ट्रीय मुद्रा को लेने से इनकार नहीं कर सकता है, यह देशद्रोह है।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान
- फोटो : getty image
बैंक अधिकारी ने बताया कि अगर आप के भी शहर या कस्बे में भी ऐसा हो रहा हो तो उसका वीडियो या ऑडियो बना कर इलाके के डीएम ऑफिस या थाने में बताएं। असली दस रुपए का सिक्का डबल डाई से तैयार किया जाता है। नकली सिक्के में भी डबल डाई का प्रयोग किया गया है, लेकिन ध्यान से देखने पर इन्हें पहचाना जा सकता है। असली सिक्कों में पीले भाग का रंग हलका हैं, जबकि नकली में पीला भाग ब्राइट है।
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10 रुपये का सिक्का
असली सिक्के में 10 का अंक दो धातुओं के बीच में है और 10 पट्टी बनी हैं। नकली में 10 का अंक सिल्वर धातु के बीच में है और 15 पट्टी हैं। असली सिक्के में भारत और इंडिया अलग-अलग लिखा है। नकली सिक्के में भारत और इंडिया एक साथ है। असली सिक्का शार्प है, जबकि नकली सिक्का थोड़ा खुरदरा है और साइज में भी फर्क है। नकली सिक्के छोटे हैं और इनका वजन भी कम है। नकली सिक्के का पीला भाग जोर देने पर निकल सकता है, जबकि असली में ऐसा नहीं है।
एक दिन में एक व्यक्ति करवा सकता है 100 सिक्के जमा
बैंक 10 रुपये के सिक्कों को स्वीकार करते हैं। एक व्यक्ति एक दिन में 100 सिक्के जमा करवा सकता है। हमारे बैंक में इन सिक्कों को जमा करवाया जा रहा है। - आरके मीणा, एजीएम यूको बैंक, भिवानी