केवीएस परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच के दौरान सामने आया चौंकाने वाला सच। देखिए तस्वीरों में।
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केवीएस परीक्षा पेपर लीक में सामने आया चौंकाने वाला सच
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केवीएस परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच के दौरान सामने आया चौंकाने वाला सच। दरअसल केवीएस पीआरटी परीक्षा की आंसर-की हासिल करने के लिए परीक्षार्थियों से चार लाख रुपये और एसएससी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की आंसर-के छह लाख रुपये वसूले जाने थे। एसपी ने इस मामले में जांच के लिए डीएसपी शाकिर हुसैन के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की है।
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40 लाभार्थी अभ्यर्थियों की तलाश: एसआईटी अब मिले कागजात की सहायता से 40 लाभार्थी अभ्यर्थियों की तलाश करने के साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। पुलिस को जांच के दौरान मोबाइल में व्हाट्सएप के जरिये दिए और लिए गए संदेशों से गिरोह के अन्य सदस्यों का भी सुराग लगा है। मौके पर मिले सभी 29 मोबाइलों की कॉल डिटेल हासिल की जा रही है। दोनों लैपटॉप से भी कुछ अहम और महत्वपूर्ण दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं।
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लैपटॉप में मिली आंसर-की: पुलिस को प्राथमिक जांच में लौपटॉप में पेपर की आंसर-की मिली है। अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की स्कैन कॉपी और अन्य जरूरी दस्तावेज मिले हैं। अभी और गहनता से जांच की जा रही है। लैपटॉप में मिले रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस अभ्यर्थियों से संपर्क करने में जुटी है। वहीं दस्तावेजों के जरिये गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य की छानबीन के लिए लैपटॉप को खंगाला जा रहा है।
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पुलिसकर्मी और एक सॉल्वर की तलाश: डीएसपी शाकिर हुसैन के नेतृत्व में गठित एसआईटी अब मामले से जुड़े एक अन्य दिल्ली पुलिस के जवान की तलाश में जुटी है। वहीं जो सॉल्वर शहर के एक होटल में रुका था और दबिश से कुछ पहले ही मौके से फरार हुआ था, उसकी तलाश में भी पुलिस ने छापामारी शुरू कर दी है।
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चार घंटे पहले किया काबू: पीआरटी परीक्षा सुबह साढ़े नौ बजे से शुरू होनी थी। इसके लिए अभ्यर्थियों का सुबह नौ बजे से परीक्षा केंद्रों पर जमघट लगना था। इससे ठीक चार घंटे पहले ही पुलिस ने बीएमजी मॉल के पास रेड कर सरगना समेत 13 आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि आंसर-की को परीक्षार्थियों के अभिभावकों को यहीं नकद रुपये लेने के बाद दिया जाना था। हालांकि पुलिस की रेड के बाद ऐसा हो नहीं सका।
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चारों सेट एक्यूरेट यानी अंदर तक पैठ: विजय भुरथल और गिरोह के पास से जो प्रश्न पत्र और आंसर-की मिले हैं वह रविवार सुबह आए पीआरटी एग्जाम से बिल्कुल मिलते थे। यही नहीं एग्जाम के चारों सेट ए, बी, सी, डी के सभी प्रश्न तो बिल्कुल मैच कर रहे थे, वहीं उनका क्रम भी बिल्कुल सटीक था। इससे पुलिस का मानना है कि जिस शख्स ने पेपर आउट किया है वह संगठन में काफी अंदर तक पकड़ रखने वाला हो सकता है।
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इससे पहले वर्ष 2014 में राजस्थान के एग्रीकल्चर की परीक्षा लीक कराने के मामले में भी एक छुटभैया नेता समेत चार लोग धरे गए थे। हालांकि मामले में गिरफ्तारी के बाद सभी जमानत पर छूट गए थे और फिर गिरोह के सरगना और आगे की कार्रवाई का कुछ पता नहीं लग सका था। ये सभी आरोपी भी विजय भुरथल के ही गुर्गे थे और बताया जाता है कि फर्जीवाड़े का गोरखधंधा सीखने के बाद उससे अलग हुए थे।
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असम राइफल का पेपर जुटाने की भी थी कोशिश: विजय पर भी दो साल पहले एक परीक्षा में पेपर लीक करने के मामले में मुकदमा गुडग़ांव के किसी थाने में भी दर्ज है। पीआरटी पेपर हासिल करने वाला यह गिरोह एसएससी की ओर से आयोजित असम राइफल के कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर भी जुटाने की कोशिश में था। परीक्षा के लिए एसएससी की ओर से राजस्थान के अलवर में परीक्षा सेंटर भी बनाया गया था। ऐसे में यह गिरोह अलवर से किसी प्राचार्य से संपर्क करने में जुटा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।