दिल्ली में OROP की मांग को लेकर सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक की सुसाइड के केस में एक और खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस पर भी सवाल उठे हैं।
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बामला ने 11 साल पहले रामकिशन को सरपंच चुना
पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल का मोबाइल गायब है। नंबर डॉयल करने पर नॉट रिचेबल आ रहा है। यह खुलासा रामकिशन के बेटे बलवंत उर्फ प्रदीप ने दिल्ली पुलिस को दिए अपने लिखित बयान में किया।
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SBI मैनेजर ने पूर्व सैनिक की सुसाइड के सच को झुठलाया
- फोटो : अमर उजाला
गांव में पहुंची दिल्ली पुलिस को दिए अपने बयान में बलवंत ने बताया कि हादसे के बाद दिल्ली पहुंचकर उसने अपने पापा के फोन की तलाश की तो नहीं मिला। इसके बाद नंबर डॉयल किया तो नॉट रिचेबल आ रहा है।
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रामकिशन के बेटे जसवंत ने सुसाइड पर किया बड़ा खुलासा
बलवंत ने अपना मोबाइल दिल्ली पुलिस को देने में अनिच्छा जाहिर की। अलबत्ता, जिस मोबाइल से बलवंत की अपने पिता से अंतिम बातचीत हुई, उसकी रिकॉर्डिंग पुलिस को जरूर दी है।
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बहुत कुछ थे पूर्व फौजी रामकिशन की जिंदगी में।
बलवंत ने कहा है कि उसके पिता के पास सल्फास कहां आई और किससे ली, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। साथ ही यह भी बताया कि उन्हें किसी पर शक-शुबहा नहीं है।
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अपने बयान में बलवंत ने बताया कि उनके पिता की डेडबॉडी पुलिस ने दिल्ली में नहीं दी, बल्कि बहादुरगढ़ (हरियाणा) में दी। यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं था। उसे लात-घूंसों से पीटा गया और जबरदस्ती थाने ले गए।