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कोयला, कच्चा तेल और पानी के बाद अब 'नमक' से बनेगी बिजली, जानिए कहां और कैसे?

Thu, 20 Apr 2017 05:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
अभी तक देश में कोयले, कच्चे तेल और पानी से बिजली उत्पादन किया जा रहा है लेकिन अब ‘नमक' से बिजली बनेगी। देखिए कैसे?
 
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अभी तक देश में कोयले, कच्चे तेल और पानी से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह उत्पादन अपेक्षाकृत महंगा पड़ता है, लिहाजा बिजली की दरें समय-समय पर बढ़ती जाती हैं, लेकिन अब नमक से भी बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस प्रक्रिया पर न केवल लागत कम रहेगी, बल्कि ये तकनीक बिजली संकट खत्म करने में भी मददगार होगी। 
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दूसरा, इस तकनीक से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होगा। इस शोध पर यूएस की फ्लोरिडा पॉलीटेक्निक  यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में काम किया जा रहा है और फिलहाल ये शोध लगभग पूरा हो चुका है।

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अब ‘नमक ’ से बनेगी बिजली - फोटो : अमर उजाला
इस टीम ने कर दिखाया यह काम
पीयू के शोधकर्ता और फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री के प्रोफेसर डॉ. जसप्रीत सिंह दाऊ, डॉ. योगी गोस्वामी व प्रोफेसर एलियास स्टेफॉनाकोस की टीम ने इस शोध को परवान चढ़ाया है। दरअसल, इस तकनीक  का ईजाद सौर ऊर्जा का लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाने और पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए बिजली उत्पादन करने के उद्देश्य से किया गया है।
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अब ‘नमक ’ से बनेगी बिजली
अभी यह होता है 
अभी तक होता यह है कि सौर ऊर्जा को खेतों, घरों, संस्थानों व कार्यालयों की छतों पर लगे बड़े-बड़े पैनल्स में स्टोर किया जाता है, उसके बाद ग्रिड के जरिए उसे बिजली में कनवर्ट कर आगे डिस्ट्रीब्यूट किया जाता है। लेकिन यह तब तक ही संभव रहता है, जब तक  सूरज का ताप पैनल्स को मिल रहा होता है। बारिश, घने बादलों और रात के समय ये सिस्टम निष्क्रिय हो जाता है।
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इस तरह नमक से तैयार होगी बिजली
शोधकर्ता डॉ. जसप्रीत सिंह दाऊ ने बताया कि अब नई ईजाद तकनीक के जरिए सूर्य के ताप को नमक के कैप्सूल्स में संग्रहित कर लिया जाएगा, जिसे एक खास तकनीक के जरिए लंबे समय तक रखा जा सकेगा। फिर किसी भी समय नमक  केकैप्सूल्स में संग्रहित सौर ऊर्जा में से भाप को क्रास करवाकर बिजली उत्पन्न की जाएगी और ग्रिड के जरिए उसे आगे सप्लाई किया जाएगा।
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इस तकनीक में ग्रिड का कंट्रोल सबसे अहम रहेगा। इस तरह कम लागत व सस्ती तकनीक के जरिए बिजली का उत्पादन होगा और लोगों को भी सस्ती बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
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