शुक्रवार को रमजान के अलविदा जुम्मे की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर मस्जिदों में भारी संख्या में नमाजी एकत्र हुए और जुम्मे की नमाज अदा की।
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PICS: रमजान के आखिरी जुम्मे की नमाज
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सेक्टर-20 स्थित जामा मस्जिद में नमाज के बाद लोगों ने बाहर लगे बाजार में जमकर खरीदारी की।
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PICS: रमजान के आखिरी जुम्मे की नमाज
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शुक्रवार की रात 27वां रोजा है। इसे शब-ए-कदर कहा जाता है। लोगों ने बाहर लगे बाजार में जमकर खरीदारी की।
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जामा मस्जिद सेक्टर-20 के इमाम और खतीब मौलाना अजमल खान और सेक्टर-20 के नूरानी मस्जिद के मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी ने बताया कि शब-ए-कदर की एक रात की इबादत का फल एक हजार रात की इबादत के बराबर है।
शब-ए-कदर की रात को की गई इबादत से अल्लाह गुनाहों को माफ कर देते हैं। मौलाना खान ने बताया कि यह रमजान की सबसे पवित्र रात होती है। इसमें जागकर इबादत करते हैं।