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Pics: स्मगलिंग जोन बना देश का ये बॉर्डर, तस्करी के अनूठे तरीके देख दंग रह जायेंगे

Wed, 11 Oct 2017 09:05 AM IST
मोहित धुपड़, हुसैनीवाला बॉर्डर से
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
देश का एक बॉर्डर अति संवेदनशील माना जाता है, बावजूद इसके यह बॉर्डर स्मगलिंग का जोन बन चुका है। तस्करी के तरीके भी इतने अनूठे होते हैं कि जानकर दंग रह जाएंगे।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
बात हो रही है, फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला बॉर्डर की। यहां तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को न केवल घुसपैठियों से, बल्कि पाकिस्तान से नशे की खेप लाने वाले तस्करों से भी निपटना पड़ता है। बीएसएफ के मुताबिक यहां आपको हर चीज को संदेह की नजर से देखने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हालत यह है कि पानी के कैंपर, कस्सी की हत्थी, ट्रैक्टर में जुताई के लिए इस्तेमाल होने वाले लकड़ी के फट्टों तक में ड्रग्स सप्लाई की जाती है।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
बीएसएफ की खुफिया एजेंसियां निरंतर पाकिस्तान के नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए जुटी रहती है, लेकिन इसके बावजूद वे बाज नहीं आते। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर यदि नजर डाले तो बीएसएफ की खुफिया एजेंसियों ने 240 किलो नशा पकड़ा है। इसमें 235 किलो हेरोइन और पांच किलो अफीम शामिल है। यह नशा अलग-अलग तरीकों से पाकिस्तान से भेजा जा रहा था, लेकिन बीएसएफ ने अपने कुशल नेटवर्क से इसे पकड़ लिया।

 

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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
फिरोजपुर में 153 किलोमीटर में पाकिस्तान का बॉर्डर पड़ता है। इसमें 24 किलोमीटर का एरिया हुसैनीवाला बॉर्डर के आसपास का ही है। इस पूरे एरिया की निगरानी बीएसएफ बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के हवाले है। इस इलाके में काफी संख्या में बीएसएफ के जवान बॉर्डर पर गश्त करते हैं, लेकिन उसके बावजूद पाकिस्तान के नशा तस्कर स्मगलिंग से बाज नहीं आते। वर्ष 2015 में बीएसएफ की स्पेशल टीम ने पाकिस्तान से आने वाली 161 किलो हेरोइन पकड़ी थी।
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स्मगलिंग जोन बना हुसैनीवाला बॉर्डर
वहीं 2016 में भी 109 किलो हेरोइन और तीन किलो अफीम बरामद की। इस साल अभी तक बीएसएफ 65 किलो हेरोइन और 2 किलो अफीम पकड़ चुकी है। 2 अक्टूबर बीएसएफ की स्पेशल टीम ने नशा तस्करी के सनसनीखेज तरीके का खुलासा किया। इसमें बॉर्डर एरिया के किसानों की भी भागीदारी सामने आई। रोजाना एक किसान पिता-पुत्र प्रतिबंधित बॉर्डर एरिया में स्थित अपनी जमीन पर बीएसएफ की विशेष अनुमति के जरिए खेतीबाड़ी करने जाते थे।
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BSf - फोटो : AMAR UJALA
यह पिता पुत्र अपने साथ पानी का एक कैंपर भी ले जाते। एक दिन बीएसएफ की स्पेशल टीम को संदेह हुआ और उसने कैंपर की तलाशी ली। इस पर किसान पिता-पुत्र ने कैंपर का पानी जमीन पर उड़ेल दिया और कहा कि इसमें कुछ भी नहीं है। टीम ने जब खाली कैंपर उठाकर चेक किया तो वह तब भी काफी भारी लग रहा था। जब कैंपर के निचले हिस्से को टटोला गया तो वहां बड़ी सफाई से साढ़े तीन किलो हेरोइन भर उस पर ढक्कन लगा था। ऐसे कई अनोखे तरीके अकसर देखने को मिलते हैं।
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BSF
हथियारों की तस्करी के भी प्रयास
बीएसएफ की स्पेशल टीम ने इसी महीने 6 अक्टूबर को हथियारों की तस्करी का प्रयास विफल किया। पाकिस्तान की ओर से अंधेरे का फायदा उठाते हुए कपड़ों के थैले में संदिग्ध वस्तु खेतों में फेंकी गई। यह हरकत बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ के जवानों की नजर में आ गई। जवान के वहां पहुंचने पर थैले फेंकने वाले पाकिस्तान के खेतों से भाग निकले। टीम ने जब थैले को टटोला तो उसमें एक मैगजीन और 18 गोलियां थीं। इसके मद्देनजर बीएसएफ ने बॉर्डर एरिया पर मुस्तैदी और बढ़ा दी है।
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