पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जीएमसीएच 32 के सातवें कन्वोकेशन में डाक्टरों को डिग्री देने के लिए पहुंचे। उन्होंने मात्र एक घंटे में ही डॉक्टरों का माइंडसेट बदल दिया।
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चंडीगढ़ की धरती पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
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जीएमसीएच 32 के सातवें कन्वोकेशन में डाक्टरों को डिग्री देने के लिए पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से सभी डॉक्टर प्रभावित दिखे। उन्हें देखने और मिलने के लिए डॉक्टरों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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सफल डाक्टर के छह गुण के बारे में कलाम ने बताया कि यदि इनमें से कोई गुण नहीं है तो वह डाक्टर नहीं है। पहला उदारता। दूसरा नीति। तीसरा सहनशील। चौथा दृढ़ता व गंभीरता। पांचवां एकाग्रता और छठवां इंटेलीजेंट।
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पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने कन्वोकेशन के दौरान कहा कि यदि डाक्टर इन गुण के साथ कैरियर की शुरुआत करे तो देश का हेल्थकेयर सिस्टम सुधर जाएगा।
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कन्वोकेशन के दौरान डॉ. कलाम ने डाक्टरों को अपने अंदाज में उनके असल मकसद के बारे में विस्तार से बताया।
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जीएमसीएच 32 के सातवें कन्वोकेशन में डॉ. कलाम को सुनने वाले सभी डॉक्टर उनके व्यक्तित्व से काफी प्रभावित दिखे। सभी ने कहा कि कलाम को सुनकर किसी का भी मकसद बदल सकता है।
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कन्वोकेशन के दौरान डॉ. कलाम ने डाक्टरों से कभी भी फालतू जांच के लिए लिखने की शपथ भी ली।
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डाक्टरों को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने बताया कि एक सफल डाक्टर के पास छह गुण जरूर होने चाहिए।
साल 2004-09 बैच की पास आउट अनुपम तलवार ने एमबीबीएस की डिग्री लेने के बाद सिविल सर्विस ज्वाइन कर ली। डॉ. कलाम से मिलकर उन्होंने कहा कि डिग्री तो आपसे ले नहीं पाईं, कम से कम आप अपना आशीर्वाद दे दें। कलाम ने तुरंत अनुपम को आशीर्वाद दिया।