डोकलाम के लिए चीन भारत को आंख दिखा रहा है, लेकिन शायद उसने अपने गिरेबां में झांक कर नहीं देखा। वो भूल गया है उसके अपने हालात बेहद खस्ता हैं, जानिए कैसे?
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China Army
बता दें कि डोकलाम विवाद के चलते अगर युद्ध हुआ तो चीन को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। भारत एक ऐसा कदम उठाएगा कि चीन मुंह की तो खाएगा ही, उसके देशवासियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। रिश्ते टूट जाएंगे और कारोबार ठप। इससे चीन की अर्थव्यवस्था बिगड़ जाएगी।
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भारत-चीन सीमा
भारत और चीन के बीच चल रहे डोकलम विवाद को लेकर जहां चीन दादागिरी दिखा रहा है, वहां इंडियन आर्मी भी पूरी तरह से मुस्तैद है। भारतीय सेना ने चीन के बार्डर पर जवानों की नफरी बढ़ा दी है, वहीं उत्तर भारत की तमाम सैन्य छावनियों को भी पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।
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भारत चीन बॉर्डर
भारतीय सेना हाईकमान ने अपने खुफिया तंत्रों को चीन व पाकिस्तान बार्डर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। डोकलाम को लेकर चीन द्वारा बार-बार युद्ध की धमकियां दिए जाने की वजह से सेना गंभीर है और यह कदम उठा रही है।
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Indo-China
बता दें कि उत्तर भारत में चीन का एक बड़ा हिस्सा भारत से सटा है। जम्मू एवं कश्मीर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड में भी चीनी बार्डर पड़ता है। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, इन सीमाओं पर भी सैन्य यूनिटों की तैनाती की जा रही है और उन्हें अपनी एक्सरसाइज जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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शी जिनपिंग
चीन के पास युद्ध अनुभव की कमी
चीन पहले अपने हालात देखे, उसके बाद युद्ध की धमकी दे। चीन के पास आज युद्ध का ज्यादा अनुभव नहीं है। वहीं भारत ने 1962 के बाद 1965, 1971 और 1999 के युद्ध लड़े हैं। पाक प्रायोजित आतंकवाद से भारत आज भी लड़ रहा हैं। हमारे जवानों और अफसरों में जबरदस्त जज्बा और उत्साह है।
- ब्रिगेडियर मंजीत सिंह (रिटायर्ड)
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भारत-चीन
- फोटो : The Washington Post
बंद हो जाएगा कारोबार, बिगड़ जाएगी अर्थव्यवस्था
हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा देकर 1962 में चीन ने देश के साथ बड़ा धोखा किया था। उस वक्त न तो भारतीय सेना के पास पर्याप्त गोला-बारूद था और न ही पर्याप्त जवान, इसलिए हार देखनी पड़ी। अब हालात 1962 जैसे नहीं है। चीन ने हमला किया तो न केवल मुंह की खाएगा, बल्कि भारत से उसके कारोबारी रिश्ते भी खत्म हो जाएंगे। इससे उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी।
- कर्नल सतनाम सिंह (रिटायर्ड)
चीन को जनसमर्थन नहीं मिल रहा
पाक को खुश करने के लिए चीन सिर्फ धमकियां दे रहा है। युद्ध हुआ तो चीन को आज बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। चीन भले ही भारत को बार-बार युद्ध की धमकियां दे रहा है, लेकिन चीन के बाशिंदे इसके पक्ष में नहीं है। चीनी व्यापारियों के लिए भारत एक बड़ा बाजार है। दूसरा, चीन में वन चाइल्ड पॉलिसी के कारण आज फौज में भर्ती अधिकतर जवान और अफसर अपने अभिभावकों के इकलौते बच्चे हैं, जिन्हे वे युद्ध में खोना नहीं चाहते।
- तीर्थ राम काला, ज्वाइंट डायरेक्टर, रक्षा मंत्रालय (रिटायर्ड)