पानीपत रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन ब्लास्ट हुआ तो डीपीपी केपी सिंह निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने मामले को लेकर कई खुलासे किए।
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पानीपत रेलवे स्टेशन पर डीजीपी केपी सिंह दौरा करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि चार महीने में हुए ये दो धमाके किसी बड़ी वारदात का रिहर्सल हों। खुफिया एजेंसियों को भी ये सवाल परेशान कर रहा है। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि इसमें किसी ग्रुप की बजाय एक व्यक्ति का हाथ हो सकता है। दोनों धमाकों में टाइमर बम में उच्च क्षमता के विस्फोटक की बजाय हल्के धमाके साथ तेजी से आग पकड़ने वाला पदार्थ प्रयुक्त किया गया। पुलिस और एनआईए ने जांच तेज कर दी है।
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हालांकि उन्होंने धमाके में किसी आतंकी संगठन का हाथ होने जैसी कोई बात होने से इंकार किया है, पर वे कहते हैं जांच के बाद ही मामले को लेकर कुछ कहा जा सकता है। वीरवार को पानीपत रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से पानीपत पहुंची पैसेंजर गाड़ी के अगले इंजन के साथ लगती बोगी में टाइमर बम विस्फोट हुआ था जिससे बोगी में आग लग गई थी। हालांकि इसमें जनहानि नहीं हुई लेकिन इसने खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में जरूर डाल दिया।
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पानीपत रेलवे स्टेशन पर डीजीपी केपी सिंह दौरा करते हुए
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जीआरपी व आरपीएफ की आठ टीमें इसकी गहनता से जांच कर रही हैं। आईबी और दूसरे खुफिया विभाग भी जांच में लगे हुए हैं। पुलिस टीमें बैटरी की दुकानों और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। जीआरपी एसपी कुलदीप सिंह व डीएसपी जगदीप दूहन रेलवे स्टेशन पर लगातार डेरा डाले हुए हैं। जीआरपी के सूत्रों की मानें तो 15 जनवरी और 12 मई को हुए धमाके एक ही तरीके से अंजाम दिए गए। दोनों में प्रयुक्त सामग्री भी एक जैसी थी। दोनों में आग लगाने वाली सामग्री ज्यादा प्रयुक्त की गई थी। इसमें पंक्चर जोड़ने वाली ट्यूब और कुछ ऐसी ही अन्य सामग्री मिली हैं।
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सुरक्षा एजेंसियां इस संभावना पर भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं ये किसी ऐसे शख्स की करतूत तो नहीं जो आतंकी संगठनों की नजरों में चढ़ना चाह रहा है। एनआईए और आईबी टीम ने साइकिल स्टैंड कर्मियों से भी गंभीरता से पूछताछ की है। एनआईए के आईजी अविनाश और आईबी टीम ने शनिवार सुबह धमाके में क्षतिग्रस्त रैक का निरीक्षण किया। इसके बाद रेस्ट हाउस में एनआईए और रेलवे आईजी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की। फिर उन्होंने क्षतिग्रस्त रैक का निरीक्षण किया। एनआईए के आईजी से बात की और पूरे मामले की जानकारी ली।
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डीजीपी ने कहा कि पैसेंजर ट्रेन में हुए बम धमाके में अभी किसी आतंकी संगठन का हाथ होने की बात कहना मुश्किल है। एनआईए व पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही दोनों धमाकों का खुलासा कर दिया जाएगा। डीजीपी ने बाद में बम धमाके पर पुलिस, जीआरपी व आरपीएफ अधिकारियों की एसपी कार्यालय में बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को मामले का जल्द ही खुलासा करने करने के आदेश दिए।
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डीजीपी ने रेलवे स्टेशन पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए गंभीरता से कदम उठाने की बात कही है। हालांकि स्टेशन पर सुरक्षा रामभरोसे ही चल रही है। शनिवार को भी वरिष्ठ अधिकारी डेरा डाले रहे, लेकिन रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं दिखाई दिए। एफएसएल टीम पैसेंजर ट्रेन की बोगी में धमाके में प्रयुक्त विस्फोटक सामग्री का पता लगाने में जुटी है। मधुबन लैब में गहनता के साथ जांच चल रही है। वहीं तकनीकी अधिकारी पानीपत रेलवे स्टेशन पर भी डेरा डाले हुए हैं।