दिल्ली से पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची पैसेंजर ट्रेन में हुए ब्लास्ट से 4 महीने पुराने जख्म हरे हो गए, जब पहले यहां ट्रेन में धमाका हुआ था।
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दिल्ली पानीपत पैसेंजर ट्रेन में धमाका
- फोटो : अमर उजाला
धमाका बोगी नंबर 30098 में रखे विस्फोटक पदार्थ में हुआ, जिसे बैटरी के जरिये आपरेट किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। विस्फोट का मॉड्यूल ठीक वैसा ही है, जैसे चार माह पहले 15 जनवरी को किया गया था। हादसा उस वक्त हुआ जब दिल्ली से आई मेमू यार्ड में खड़ी थी। शुरुआती जांच के बाद एजेंसियों ने दावा किया है कि इस बार विस्फोटक करीब तीन गुना ज्यादा घातक था।
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अंबाला से पहुंचे रेलवे के एसपी कुललदीप सिंह ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह टेरर अटैक है। हालांकि, अफसरों ने किसी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया है। बता दें कि जनवरी में हुए ब्लास्ट के पीछे सिमी का हाथ होने की आशंका जताई थी। ताजा धमाका पिछली बार के धमाके से दोगुना शक्तिशाली बताया जा रहा है।
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एक्सपर्ट कहते हैं कि पानीपत रेलवे स्टेशन पर 132 दिन बाद दूसरी बार हुआ बम धमाका प्री प्लान था। यह धमाका टाइमर बम का है और इसको तसल्ली से दिल्ली रेलवे स्टेशन के यार्ड पर फिट किया गया, क्योंकि पानीपत प्लेटफार्म से यार्ड पहुंचने के करीब 25 मिनट बाद धमाका हुआ। इतनी जल्दी यहां पर बम फिट नहीं किया जा सकता।
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ब्लास्ट के लिए एनालॉक या डिजिटल टाइमर बम का ही यूज किया गया है। दिल्ली में बम बनाने की सामग्री आसानी से मिल सकती है, लेकिन यहां पर इस तरह की सामग्री नहीं मिलती। इससे भी आशंका है कि बम दिल्ली में ही फिट गया गया होगा। हालांकि जांच के बाद ही यह कन्फर्म होगा। जनवरी में रेलवे स्टेशन पर खड़ी लोकल ट्रेन में टाइमर लगा बम फट गया था।